जिंदगी गुजर जाती हँ किसी को अपना बनाने में
एक पल भी नही लगता रिश्ता टूट जाने में..
वाह जिंदगी तेरे खेल निराले .....
जिस दिल्ली की हवा में अफजल के समर्थन में नारे लग रहे हों..
उस हवा में हनुमान थप्पा ने सांस लेने से इंकार कर दिया ।।
एक पल भी नही लगता रिश्ता टूट जाने में..
वाह जिंदगी तेरे खेल निराले .....
जिस दिल्ली की हवा में अफजल के समर्थन में नारे लग रहे हों..
उस हवा में हनुमान थप्पा ने सांस लेने से इंकार कर दिया ।।
13 लाख की हमारी सेना भारत के कुल 1 अरब 25 करोड़ नागरिकों की रक्षा करती है ...
इस हिसाब से हमारा एक सैनिक 966 नागरिकों की जान बचाता है ।।
आज हमारा हनुमंथप्पा चला गया ।।
966 भारतीयों को अनाथ कर के ।।
हो सके तो फिर आना हे वीर ।।।
जय हिन्द की सेना ।।।।
" हिन्दू नाम रखने से कोई हिन्दू नहीं होता |
हिन्दू बनने के लिये हिन्दुत्व को अपने आचरण में उतारना सिखो
हिन्दू कभी कायर नहीं हो सकता
शीस कटा सकता हैं,झुका नहीं सकता
थूक कर उस थूक को चाट नहीं सकता
असहाय और गरीबों पर अन्याय नहीं कर सकता
अपने माँ बाप को बेसहारा नहीं कर सकता
औरत की इज्जत करना वो अपना सम्मान समझता हैं
हराम और बेईमानी की कमाई नहीं खाता ,
उसे अपनी भुजाओं व कर्म पर विश्वास होता हैं,
अपनी सभ्यता और संस्कृति की हिफाजत के लिये अपनी जान की बाजी लगा देता हैं
पीठ पीछे कभी वार नहीं करता दुश्मन को उसी के घर में धूल चटा देता हैं
ऐसा इन्सान ही हिन्दू होने का अधिकारी हैं "
हिन्दू बनने के लिये हिन्दुत्व को अपने आचरण में उतारना सिखो
हिन्दू कभी कायर नहीं हो सकता
शीस कटा सकता हैं,झुका नहीं सकता
थूक कर उस थूक को चाट नहीं सकता
असहाय और गरीबों पर अन्याय नहीं कर सकता
अपने माँ बाप को बेसहारा नहीं कर सकता
औरत की इज्जत करना वो अपना सम्मान समझता हैं
हराम और बेईमानी की कमाई नहीं खाता ,
उसे अपनी भुजाओं व कर्म पर विश्वास होता हैं,
अपनी सभ्यता और संस्कृति की हिफाजत के लिये अपनी जान की बाजी लगा देता हैं
पीठ पीछे कभी वार नहीं करता दुश्मन को उसी के घर में धूल चटा देता हैं
ऐसा इन्सान ही हिन्दू होने का अधिकारी हैं "
वो क्या चीज़ है जो हड्डियों को गला देने वाली और खून को जमा देने वाली बर्फ में ६ दिन तक ३५ फिट अन्दर दबे होने पर भी जिन्दा रहने का हौसला देती है ?
वो वो क्या चीज़ है जो आराम की जिंदगी छोड़ सेना में भरती होकर मौत से लड़ने का ज़ज्बा पैदा करती है ?
हनुमन्थप्पा ,तुम्हारी १८ माह की मासूम बेटी जिससे तुम छःह माह पहले मिले थे को नहीं पता उसने क्या खोया है परन्तु हम जानते है हमने एक सैनिक ही नहीं खोया है , भारत माँ ने अपना एक सपूत खोया है..............
भारत का नमक खाकर भारत की सेना को कोसने वाले मानवाधिकारवादियों और सेकुलर ठेकेदारों की इस देश में कमी नहीं है ,परन्तु
हमें अभिमान है तुम पर और अपनी बहादुर सेना पर ..........
वो वो क्या चीज़ है जो आराम की जिंदगी छोड़ सेना में भरती होकर मौत से लड़ने का ज़ज्बा पैदा करती है ?
हनुमन्थप्पा ,तुम्हारी १८ माह की मासूम बेटी जिससे तुम छःह माह पहले मिले थे को नहीं पता उसने क्या खोया है परन्तु हम जानते है हमने एक सैनिक ही नहीं खोया है , भारत माँ ने अपना एक सपूत खोया है..............
भारत का नमक खाकर भारत की सेना को कोसने वाले मानवाधिकारवादियों और सेकुलर ठेकेदारों की इस देश में कमी नहीं है ,परन्तु
हमें अभिमान है तुम पर और अपनी बहादुर सेना पर ..........
तुम्हें अलविदा किस मुंह से कहूँ शहीद हनुमंथप्पा यहाँ तो आतंकियों को शहीद कहा जाने लगा है।
देश के प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री सिपाही
हनुमानथप्पाके हाल चाल ले आ चुके हैं.......
बाकि विपक्षी गण अभी हनुमानथप्पाकी जाति
और धर्म का पता लगाने में जुटे हुए हैं.....
और JNU के प्रबुद्ध अफज़ल गुरु को शहीद
ठहराने की कवायद में लगे हुए हैं......!!!
हनुमानथप्पाके हाल चाल ले आ चुके हैं.......
बाकि विपक्षी गण अभी हनुमानथप्पाकी जाति
और धर्म का पता लगाने में जुटे हुए हैं.....
और JNU के प्रबुद्ध अफज़ल गुरु को शहीद
ठहराने की कवायद में लगे हुए हैं......!!!
पूरा देश सो रहा था दुबक कर रजाई में
बेनतीजा जंग हो रही थी कांग्रेसी-भाजपाई में
हनुमान भी सो रहा था तब कही सियाचिन में
छोड़ धरती आसमाँ तीस फुट गहराई में!!
शून्य से नीचे पचपन जहा तापमान था
उसको अपनी वीरता पर गर्व था अभिमान था
सांस भी हारी नही उसका भी कुछ सम्मान था
लोग थक जाते हैं अक्सर जेठ की पुरवाई में!!
बेनतीजा जंग हो रही थी कांग्रेसी-भाजपाई में
हनुमान भी सो रहा था तब कही सियाचिन में
छोड़ धरती आसमाँ तीस फुट गहराई में!!
शून्य से नीचे पचपन जहा तापमान था
उसको अपनी वीरता पर गर्व था अभिमान था
सांस भी हारी नही उसका भी कुछ सम्मान था
लोग थक जाते हैं अक्सर जेठ की पुरवाई में!!
!!वीर हनुमानुत्थप्पा की आत्मा को भगवान शांति दे !!
जय जवान जय हिन्द
जय जवान जय हिन्द
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