वाहन चोरों पर तीसरी आंख की रहेगी नजर, जयपुर पुलिस सर्वे में जुटी
जयपुर। राजधानी में लगातार हो रही वाहन चोरी की वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। रोजाना राजधानी के अलग-अलग स्थानों से करीब दो दर्जन दुपहिया वाहन चोरी हो रहे हंै। पुलिस ने वाहन चोरी को रोकने के लिए हर तरह के उपाय कर लिए लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाई है। अब पुलिस शहर में चोरी और लूट होने वाले स्थानों को चिन्हित कर रही है। उसके बाद जनसहयोग से उन स्थानों पर कैमरे लगाएगे।
इसको लेकर थानेवार आदेश दे दिए गए हंै। जिसके बाद 1300 कैमरे लगाए जाएंगे। इसमेें रख रखाव की जिम्मेदारी एक कंपनी को दी जाएगी जो समय-समय पर इनकी जांच करेगी। इस माह से पुलिस इन पाइंटों का सर्व शुरू कर देगी।
शहर में जिस तरह चोरी की वारदातें हो रही है और उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने जितने पर जतन किए व सब कम पड़ गए ओर वाहन चोरी की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है। इसके अलावा लूट की वारदातें भी दिनों-दिन बढ़ रही रही है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से रोजाना दो दर्जन से ज्यादा दुपहिया वाहन और दो से तीन चौपहिया वाहन चोरी होते हैं। इन वाहन चोरियों का सबसे बड़ा कारण बाहरी जनसंख्या विस्तार के साथ ही वाहन की बड़ती संख्या के अलावा पुलिस का वाहन चोरी रोकने में जिसे तरह नाकाबंदी करती व भी एक कारण है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए पिछले माह जयपुर पुलिस ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। जिसके तहत शहर में जिन स्थानों पर सबसे ज्यादा वाहन चोरी होती है। उन स्थानों पर और जिन रास्तों से अधिकतर वाहन चोरी करके चोर फरार होते है। उन स्थानों पर कैमरे लगाए जा सकेंगे। पुलिस ने ऐसे 15 स्थानों के बारे मेेे जानकारी जुटा रही जहां पर इन कैमरों को लगाया जा सकें। इसका लेकर सभी थाानाधिकारियों को आदेश दे दिया गया कि 15 दिनों में अपने-अपने इलाके का सर्वे कर कहा कितने कैमरे लगेंगे यह सब जानकारी देने को कहां गया है। अगले माह से कैमरे लगने शुरू हो जाएंगे। जिसके बाद चोरी, लूट और दूसरी वारदातों में कमी आएगी।
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