Tuesday, 14 April 2015

तीस घंटे बाद हाईटेंशन लाइन के टावर से उतरा किसान


मुआवजे की मांग को लेकर टावर पर बैठा था किसान
आलाधिकारीयों की समझाइश के बाद उतरा
15 April 2015
जयपुर। सीकर जिले के दीनारपुरा इलाके में  बिजली कपनी से मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार सुबह  से हाईटेंशन लाइन के टावर पर जा बैठा एक किसान आखिरकार तीस घटों की मशक्कत के बाद मंगलवार की शाम  को समझाइश के बाद उतरा गया। इससे पहले  पुलिस द्वारा  किसान को नीचे उतारने के लिए समझाइश प्रयास किया जा रहा था पर   किसान अपनी मांग पर अड़ा हुआ था।

सूचना मिलने पर विद्युत निगम अधिकारियों ने लाइन बन्द कर दी जिससे कोई हादसा न हो । मंगलवार सुबह तक किसान ने ना तो पानी पीया और ना ही कुछ खाया। किसान की मांग है कि उसे बिजली निगम तत्काल बीस लाख रुपए का मुआवजा दे। किसान को टावर से नीचे उतारने के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी रातभर मशक्कत करते रहे। किसान को नीचे उतारने के लिए जिले के दादिया थाना पुलिस के चार जवान रातभर उसकी चौकीदारी करते रहे। पुलिसकर्मियों ने बताया कि किसान अपने परिजनों से लगातार संपर्क में था तथा अधिकारियों को मौके पर ही बुलाकर मुआवजा दिलाने की मांग कर रहा था। तीस घंटों के बाद मुआवजे का आश्वासन देने के बाद मंगलवार की शाम  वह समझाइश के बाद नीचे उतर गया।   जानकारी के अनुसार सीकर जिले के दीनारपुरा के किसान गोपाल महला के खेत से वर्ष 2011 में हाईटेंशन लाइन निकाली गई थी। तब खेत में टावर लगाया गया था। इसके बदले विद्युत कपनी ने उसे दो लाख 60 हजार रुपए बतौर मुआवजा देना चाहा तो उसने इनकार कर दिया। गोपाल महला बीस लाख रुपए का मुआवजा मांग रहा है। इसी मांग को लेकर सोमवार सुबह नौ बजे वह खेत में खड़े करीब 160 फीट ऊंचे हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया। गनीमत यह रही कि विद्युत रखरखाव कार्य के चलते उस समय विद्युत आपूर्ति बंद थी।   किसान का आरोप है कि पावर ग्रिड की लाइन लगाने के बाद भी पूरा मुआवजा नहीं मिला। जब भी मुआवजा मांगा अफ सर धमकी देकर भगा देते थे। अफ सरों ने कहा कि मुआवजा ज्यादा है। इसलिए नहीं दिया जा सकता।

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