चूरू। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान शनिवार को शहीद हुए थैलासर गांव के लाडले सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट जितेंद्रसिंह राठौड़ को रविवार दोपहर उनके पैतृक गांव में नम आंखों से विदाई दी।राजकीय सम्मान से किए गए अंतिम संस्कार के दौरान शहीद की चिता की उनके बेटे यशवंत सिंह ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनकी अर्थी को कांधा दिया। सीआरपीएफ के जवानों ने शहीद को लास्ट पोस्ट मातमी धुन के साथ 24 राउंड फ ायर कर सलामी दी। जैसे ही सवा एक बजे तिरंगे में लिपटा शहीद का शव गांव में पहुंचा तो सभी की आंखें भर आई। आईजी सीआरपीएफ राजस्थान सेक्टर आईपीएस बी श्रीनिवासन रावए डीआईजी सीआरपीएफ गिरीशकुमार चावला और 83 बटालियन सीआरपीएफ कमांडेंट ऑफि सर लालचंद यादव शहीद के दामाद इंद्रपुरा झुंझुनूं निवासी मेजर रविंद्र सिंह शेखावत और सब इंस्पेक्टर आरएएफ श्रीचंद ने भी शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की।
शहीद के पिता ओमसिंह राठौड़ का कहना था कि मेरा बेटा मरा नहीं है वो अमर हो गया है। शहीद होने से एक दिन पहले भी उनकी अपने शहीद बेटे से फ ोन पर बात हुई थी। शहीद के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से पहले अंतिम दर्शन के लिए परिजनों को बुलाया गया तो शहीद की मां महला कंवर और पत्नी के विलाप से हर कोई अपने आंसू नहीं रोक पाया। बेटी निधि कंवर भी पिता के शव को देखकर बिलख पड़ी। वहीं शहीद के सम्मान में रतननगर के बाजार बंद रहे। लोग सुबह से ही शहीद के शव का इंतजार करते रहे।
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