पुलिस कमिश्नर को शिकायत के बाद भी थाने ने नहीं सुनी,
पीडि़त ने इस्तगासे से दर्ज करवाया मामला
08 April 2015
जयपुर। एक व्यक्ति से चैक देकर चार लाख पांच हजार रुपए वापस नहीं लौटाएं।
दिए गए सभी पांच चैक बैंक से अनादरित हो गए। पीडि़त ने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर से की। कमिश्नर ने जांच के आदेश कर शिकायत आदर्शनगर थाने का भेज दी। लेकिन पुलिस गैर इलाका कहकर पीडि़त को टरकाती रही। अब पीडि़त ने अदालत के इस्तगासे से से धोखाधडी का मामला दर्ज करवाया है।
जानकारी के अनुसार केजीबी का रास्ता जौहरी बाजार निवासी शेरसिंह माहेश्वरी से राजापार्क रामगली नंबर पांच निवासी आरोपी नीरज भाटिया ने चार लाख पांच हजार रुपए उधार लिए थे। पीडि़त शेरसिंह ने वर्ष 2012-13 में पांच चैकों से नीरज भाटिया को रुपए दिए थे। जो उसके पंजाब नेशनल बैंक के खाते से नीरज भाटिया के खाते में ट्रांसफर हुए है। बदले में आरोपी नीरज भाटिया ने शेरसिंह को उधारी लौटाने के लिए एसबीबीजे आदर्शनगर शाखा के पांच चैक दिए थे। अब 28 अक्टूबर 2014 को समय होने पर शेरसिंह ने नीरज के खाते में चैक लगाए तो सभी अनादरित होकर आ गए। पीडि़त का आरोप है कि उसने करीब तीन महिने पहले इस संबंध में पुलिस कमिश्नर को लिखित में धोखाधडी की शिकायत की थी। जिस पर कमिश्नर ने जांच के आदेश कर शिकायत को आदर्शनगर थाना पुलिस को भेज दिया। परीवाद की जांच एसआई रामानन्द को सौंपी गई। लेकिन एसआई कभी जांच के नाम पर तो कभी गैर इलाका होने की कहकर परीवादी को टरकाता रहा। अब शेरसिंह ने अदालत के इस्तगासे से आदर्शनगर थाने में नीरज ााटिया के खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज करवाया है।
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