जोधपुर। 5 दिन पूर्व एटीएस की कार्रवाई में जैसलमेर और बाड़मेर से 9 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए पांच तस्करों ने कई अहम खुलासे किए हैं। पकड़े गए तस्कर अब्दुल करीम ने बताया कि 2 साल पहले अमरकोट पाकिस्तान निवासी उसके मामा मेहरदीन ने उसे तस्करों से मिलवाया।
अब्दुल करीम ने एक अन्य तस्कर जकिया निवासी भुगरिया, बाड़मेर के जरिए हेरोईन भेजी थी जिसे अन्य तस्कर को सप्लाई की एवज में उसे 40 हजार रुपए प्रतिकिलो मिलते थे।
हेरोईन तस्करी में अन्र्तराष्ट्रीय गिरोह है सम्मिलित
एटीएस की पूछताछ में करीम खां ने बताया कि उसके पास अफ गानिस्तान
से तस्कर अली का फ ोन आया जिसमें उसने हेरोइन की डिलीवरी लेने वाले तस्कर की पहचान बताई थी। हेरोईन से मिलने वाली रकम को उसे पाकिस्तान में उसके मामा को चुकाना था। करीम खां ने पूछताछ में बताया कि उसका मामा मेहरदीन अफ गानिस्तान से पाकिस्तान में हेरोईन लाता है और तस्करी करता है। हालांकि करीम को यह नहीं पता कि माल कहां से आता है और किसको देना है। करीम को बस फ ोन करके बताया जाता था कि माल की डिलीवरी किसे देना है।
अब्दुल करीम ने एक अन्य तस्कर जकिया निवासी भुगरिया, बाड़मेर के जरिए हेरोईन भेजी थी जिसे अन्य तस्कर को सप्लाई की एवज में उसे 40 हजार रुपए प्रतिकिलो मिलते थे।
हेरोईन तस्करी में अन्र्तराष्ट्रीय गिरोह है सम्मिलित
एटीएस की पूछताछ में करीम खां ने बताया कि उसके पास अफ गानिस्तान
से तस्कर अली का फ ोन आया जिसमें उसने हेरोइन की डिलीवरी लेने वाले तस्कर की पहचान बताई थी। हेरोईन से मिलने वाली रकम को उसे पाकिस्तान में उसके मामा को चुकाना था। करीम खां ने पूछताछ में बताया कि उसका मामा मेहरदीन अफ गानिस्तान से पाकिस्तान में हेरोईन लाता है और तस्करी करता है। हालांकि करीम को यह नहीं पता कि माल कहां से आता है और किसको देना है। करीम को बस फ ोन करके बताया जाता था कि माल की डिलीवरी किसे देना है।
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