Tuesday, 21 April 2015

आहत होकर खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली

जयपुर। जेडीए की कार्यवाही में एक युवक ने अपना घर खो दिया , उसके और उसके परिवार के सिर पर से छत छीन जाने से आहत होकर खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। आग से उसके पेट के नीचे का हिस्सा 40 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गया, सूचना पर मौके पर पहुंची एंबुलेंस ने घायल को एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में बेहोशी की हालत में भर्ती करवाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जीतू निवासी जगतपुरा का दो महिने पहले किसी सेक्टर योजना के तहत उसका घर तोड़ दिया था। पीडि़त पिछले दो महिने से लगातार जिला प्रशासन और जेडीए में पुर्नवास और मुआवजे की मांग करता रहा, लेकिन जेडीए के अधिकारियों ने उसे बार-बार मना कर वहां से भगा दिया। प्रशासन के रवैये से परेशान होकर अपनी जिंदगी को दाव पर लगाकर खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। जिसमें पीडि़त के पेट के नीचे का हिस्सा 40 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गया और कुछ ही देर में असहनीय दर्द के कारण पीडि़त बेहोश हो गया। जिसे बेहोशी का हालत में एसएमएस के बर्न वार्ड में भर्ती करवाया गया।
यू किया आत्मदाह का प्रयास
प्रत्यक्षदर्शीयों के अनुसार जेडीए परिसर स्थित नागरिक सेवा केन्द्र के पास बैठ कर एंकात में बैठा हुआ था। अचानक उसने खुद के पास से एक पेट्रोल की बोतल निकालकर खुद पर उड़ेल कर आग लगा ली। आग की लपटें और उसका कृंदन सुनकर दौड़कर लोगों ने उसकी आग बुझाने की कोशिश की और उसकी जलती हुई पेन्ट फाड़ दी और आग बुझाई।

पीडि़त का दर्द
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग बुझाने के बाद जब उसे लेटा रहे थे तो पीडि़त जलने का दर्द भूलकर अपना घर खो देने के बारे में कराहते हुए बता रहा था कि दो महिने जेडीए ने उसका मकान तोड़ दिया और चलते बने। उसके बाद से मै रोजाना जेडीए के चक्कर लगा रहा हू और अधिकारी कहते है कल आना... कल आना लेकिन आज उसने बोला कि तुझे कुछ नहीं मिलेगा और अब मत आना। इतना कहते ही कराहने लगा और रो-रो कर बोलने लगा मुझे मेरा मकान दिलवा दो या मौत दे दो।


होली पर ढहाए थे आशियाने
होली से ठीक एक दिन पहले जिला प्रशासन और जेडीए की संयुक्त कार्रवाई ने एयरपोर्ट विस्तार की जद में आ रहे करीब 150 मकानों को ध्वस्त कर दिया गया था। कार्रवाई जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार हुई थी और जमीन का कब्जा भी जिला प्रशासन ने ही लिया था। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में पीडि़त व्यक्ति को यदि मुआवजा मिलना था, तो वह भी जिला प्रशासन को ही देना था लेकिन हकीकत यह है कि ना जेडीए ने और ना ही जिला प्रशासन ने जीतू की सुनी, नतीजन परेशान होकर उसने यह घातक कदम उठा लिया। जयपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की इस कवायद में कई साल के इंतजार के बाद हुई इस कार्रवाई ने त्यौहार से पहले इन परिवारों को सड़क पर ला दिया था। 2005 में ही जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट विस्तार के लिए 25 हेक्टेयर जमीन की अवाप्ति शुरू कर दी थी। इसके बाद 2010 में इसके लिए अवॉर्ड भी जारी कर दिया गया और प्रभावितों का मुआवजा कोर्ट में जमा करवा दिया गया। इस साल फरवरी में मुख्य सचिव ने बैठक में कलेक्टर व जेडीए के अधिकारियों को जमीन खाली करवाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर ने अवाप्ति के दायरे में आने वाली जमीन को खाली करवाने के लिए सांगानेर एसडीएम के साथ प्लानिंग की और होली से ठीक पहले दिन जेडीए के संसाधनों को लेकर बुधवार सुबह से इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

0 comments:

Post a Comment

 
 
Blogger Templates