परिजनों ने शव अस्पताल के बाहर रख किया प्रदर्शन
एपेक्स अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप
जयपुर। मालवीयनगर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में मंगलवार को दुर्घटना में घायल हुए एक युवक की मंगलवार सवेरे मौत हो गई।
घटना के बाद से गुस्साए स्थनीय लोगों और परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर कई घंटों तक प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के विरुद्ध इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए घायल युवक की मौत का जिम्मेदार अस्पताल प्रशासन को ठहराया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्णसिंह(35) निवासी मालवीयनगर 15 अप्रेल को बाइक लेकर घर पर लौट रहा था। तभी श्री हॉस्पिटल के बाहर एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी जिसमें वह गंभीर घायल हो गया था और उसका उपचार एपेक्स हॉस्पिटल में जारी था। मृल रूप से वह नेपाल का रहने वाला था। स्थानीय लोग अस्पताल प्रशासन से 20 लाख रुपए के मुआवजे की मांग को लेकर बाहर डटे हुए थे।
यूं सामने आई अस्पताल प्रशासन की लापरवाही
मृतक कर्णसिंह की पत्नी श्वेता के अनुसार पति कर्णसिंह एक निजी कैटरिंग कंपनी में कर्मचारी था। वह 15 अप्रेल को घर पर लौट रहा था उसी श्री हॉस्पिटल के सामने एक बेकाबू ट्रक ने उसे टक्कर मार दी थी जिसमें घायल कर्णसिंह को एपेक्स अस्पताल में भर्ती करवाया था। इलाज के बाद दो दिन बाद ही अस्पताल प्रशासन ने कर्णसिंह को छुट्टी दे दी थी लेकिन आराम नहीं होने पर उसे फिर अस्पताल में भर्ती करवाया। 18 अप्रेल को अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने उसके बाएं पैर को काटने की सलाह दी जिसकी सहमति के बाद ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने उसके पैर को अलग कर दिया। मंगलवार को सवेरे करीब 4 बजे कर्णसिंह की मौत हो गई। श्वेता ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। श्वेता का कहना है कि इलाज में उसने गहने बेचकर और बैंक अकाउंट में जमा करीब 2 लाख रुपए अपने पति के इलाज में खर्च कर दिए। श्वेता ने सीधे तौर पर अस्पताल प्रबंधन को घटना का जिम्मेदार ठहराते हुए 20 लाख रुपए मुआवजे की मांग की।
एपेक्स अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप
जयपुर। मालवीयनगर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में मंगलवार को दुर्घटना में घायल हुए एक युवक की मंगलवार सवेरे मौत हो गई।
घटना के बाद से गुस्साए स्थनीय लोगों और परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर कई घंटों तक प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के विरुद्ध इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए घायल युवक की मौत का जिम्मेदार अस्पताल प्रशासन को ठहराया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्णसिंह(35) निवासी मालवीयनगर 15 अप्रेल को बाइक लेकर घर पर लौट रहा था। तभी श्री हॉस्पिटल के बाहर एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी जिसमें वह गंभीर घायल हो गया था और उसका उपचार एपेक्स हॉस्पिटल में जारी था। मृल रूप से वह नेपाल का रहने वाला था। स्थानीय लोग अस्पताल प्रशासन से 20 लाख रुपए के मुआवजे की मांग को लेकर बाहर डटे हुए थे।
यूं सामने आई अस्पताल प्रशासन की लापरवाही
मृतक कर्णसिंह की पत्नी श्वेता के अनुसार पति कर्णसिंह एक निजी कैटरिंग कंपनी में कर्मचारी था। वह 15 अप्रेल को घर पर लौट रहा था उसी श्री हॉस्पिटल के सामने एक बेकाबू ट्रक ने उसे टक्कर मार दी थी जिसमें घायल कर्णसिंह को एपेक्स अस्पताल में भर्ती करवाया था। इलाज के बाद दो दिन बाद ही अस्पताल प्रशासन ने कर्णसिंह को छुट्टी दे दी थी लेकिन आराम नहीं होने पर उसे फिर अस्पताल में भर्ती करवाया। 18 अप्रेल को अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने उसके बाएं पैर को काटने की सलाह दी जिसकी सहमति के बाद ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने उसके पैर को अलग कर दिया। मंगलवार को सवेरे करीब 4 बजे कर्णसिंह की मौत हो गई। श्वेता ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। श्वेता का कहना है कि इलाज में उसने गहने बेचकर और बैंक अकाउंट में जमा करीब 2 लाख रुपए अपने पति के इलाज में खर्च कर दिए। श्वेता ने सीधे तौर पर अस्पताल प्रबंधन को घटना का जिम्मेदार ठहराते हुए 20 लाख रुपए मुआवजे की मांग की।
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