Monday, 20 April 2015

पुलिस कांस्टेबल समेत दो जनों का हत्यारा था मृतक

मालवीयनगर में बीती रात बदमाशों ने गोलियां दागकर की थी हत्या
जयपुर। मालवीय नगर इलाके में केलगिरी रोड पर यूनिक जिम में रविवार देर रात हुई अभिषेक नगर वैशाली नगर निवासी जितेंद्र सिंह सिखवार(32) की हत्या में उसके गिरोह के सदस्यों का हाथ होने की आशंका है। इस मामले में पुलिस ने कुछ युवकों की कॉल डिटेल भी निकलवाई है।
मामले की जांच में सामने आया कि मृतक जीतू उर्फ  जितेन्द्र पहले भी हत्या के एक मामले में जेल जाकर आया था। एक अन्य अपराधिक मामले में पुलिस उसकी तलाश भी कर रही थी। इसी दौरान मालवीय नगर में रविवार रात उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में चार टीमों का गठन कर हत्यारों की तलाश में जुट गई है। वहीं मृतक का सोमवार को पोस्टमार्टम हुआ जिसमें दो गोलियां पीठ में लगी मिलीं। बदमाशों ने जितेन्द्र सिंह पर पांच गोलियं दागी थी और साथ में धारदार हथियार से भी हमला किया था।


यह था घटनाक्रम
 मृतक जितेंद्र सिंह कुछ माह पहले ही हत्या के मामले में सजा काटकर जेल से बाहर आया था। वह रविवार शाम 4 बजे यूनिक जिम में गया था वहां जितेंद्र जिम संचालक तेजपाल और एक अन्य साथी रात केबिन में बैठकर मैच देख रहे थे और उन्होंने साथ में बीयर पार्टी भी की। जिम परिसर में लाइटें बंद कर रखी थीं। रात करीब 11:30 बजे कार से सात-आठ बदमाश जिम पहुंचे। इनमें से तीन बदमाश कार में ही रूके रहे और पांच अंदर चले गए। उन्होंने जिम के केबिन का दरवाजा खोलते ही दो फ ायर किए। इसी बीच बदमाशों की एक गोली वहां चल रही एलईडी में घुस गई। इसके बाद हत्यारों ने तेजपाल व उसके साथी को भगा दिया। दोनों साथी तुरंत भागते हुए पुलिस थाने पहुंचे। तब तक बदमाश जितेंद्र सिंह की हत्या कर कार से भाग चुके थे।


मृतक पर हत्या के दो मुकदमे दर्ज
जांच में सामने आया कि मृतक पर भी पूर्व में दो हत्या के मुकदमे दर्ज हैं।  और कुछ दिनों पहले ही जेल से छुटकर बाहर आया है, पलिस आपसी रंजिश के चलते हत्या करने का मामला मान रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि जितेंद्र सिंह और कन्हैया गुर्जर के गिरोह ने करीब छह साल पहले ट्रांसपोर्ट नगर थाने में तैनात कांस्टेबल नेकीराम की हत्या की थी जिसमें वह जेल में बंद रहे।
इसके बाद नवंबर 2010 में मृतक ेक गिरोह ने करणीविहार निवासी सुनील उर्फ  सोनू का अपहरण कर उसकी हत्या कर लाश को नाहरगढ़ पहाड़ी पर फेंक दिया था।  इसमें ब्रह्मपुरी पुलिस ने छह बदमाशों को गिरफ्तार किया था। लेकिन केस में नामजद कन्हैया गुर्जर व जितेंद्र सिंह वांटेड थे। सोनू की हत्या की वजह गिरोह के साथियों के खिलाफ  सरकारी गवाह बन जाना था। जितेंद्र सिंह के परिजनों इसी रंजिश में गिरोह के साथियों पर हत्या का अंदेशा जताया है।

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