09 April 2015
जयपुर। आमेर के चैनपुरा में तीन दिन पूर्व स्लाटर हाउस के पास तिरपाल में बंद मिली लाश की बुधवार को शिनाख्त हो गई। दुबई से लौटे पुत्र ने शव को अपने पिता का बताया।
पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। वहीं हत्या की सुई परिजन पर टिक गई। पुलिस का कहना है कि जल्द ही हत्या का राजफाश होगा। मृतक आखिरी बार बनीपार्क स्थित अपने बेटे की पत्नी के पास आया था। उसके दूसरे दिन सुबह उसकी लाश स्लाटर हाउस के पास मिली।
थानाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मृतक की शिनाख्त डी ब्लॉक करधनी निवासी जवाहर लाल (72) के रूप में हुई है। वह वर्ष 1969 से 2004 तक दुबई में रहता था। इसके बाद जयपुर आकर रहने लगा। उसके दो बेटे सउदी अरब और एक बेटा दक्षिण अफ्रीका में रहते है। तीनों का परिवार यहां जयपुर में ही रहता है। रविवार शाम को मृतक जवाहर लाल देवी नगर बनीपार्क में रहने वाली अपने बेटे विमलेश की पत्नी के घर गया था। रात में भी वहीं था। इसके बाद दूसरे दिन सुबह करीब 6.30 बजे रामगढ़ रोड स्थित चैनपुरा स्लाटर हाउस के पास नाले के किनारे पड़े तिरपाल में उसकी लाश मिली थी। उसके सिर व कान पर गंभीर चोटों के निशान मिले थे और दोनों हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे।
बहू बोली नाश्ता कर निकले थे घर से
पूछताछ में विमलेश की पत्नी ने बताया कि रविवार शाम को ससुर (जवाहर लाल) उनके घर आए थे। खाना खाने के बाद रात को वहीं रुके थे। दूसरे दिन सुबह करीब 9.30 बजे नाश्ता कर घर निकले थे। इसके बाद उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। वहीं पुलिस का कहना है कि सुबह करीब 6.30 बजे तो लाश ही मिल गई थी। ऐसे में बहू पूरी तरह से झूठ बोल रही है। पुलिस उससे अभी पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शराब पीने की भी पुष्टि हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि हत्या करने से पहले मृतक को पहले शराब पिलाई गई है। इसके बाद ही उसके सिर पर वार कर हत्या की गई और रात में ही लाश को स्लाटर हाउस के पास फेंका गया है।
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