Wednesday, 1 April 2015

एमबीए छात्र समेत तीन ने की खुदकुशी

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अवसाद में तबाह तीन युवा जिन्दगियां
02 April 2015
जयपुर। राजधानी में तीन अलग-अलग थाना इलाकों में तीन युवाओं ने अवसाद के चलते आत्महत्या कर ली।
विद्याधरनगर थाना इलाके में बीती रात एक एमबीए छात्र की लाश उसी के कमरे में पड़ी मिली।
कमरे में लाश मिलने की सूचना पर आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने प्रथमदृष्ट्या जहरीला पदार्थ सेवन को मौत की वजह माना है।
पुलिस के अनुसार मूलत: बांदीकुई निवासी संजय कुमार शर्मा (21) पुत्र गोपाल राम विद्याधर नगर स्थित अम्बाबाड़ी में एक मकान में पहली मंजिल में किराए से रहता था और शहर की एक इंजीनियरिंग कॉलेज में एमबीए की पढ़ाई कर रहा था।  बीती रात करीब 9.30 बजे संजय कुमार की लाश उसी के कमरे में पड़ी मिली। मकान मालिक ने खिड़की से उसका शव पड़ा देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को  पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया अस्पताल में भिजवाकर पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

भाई से मिलने आई बहिन ने फंदा लगाया
प्रताप नगर में भाई से मिलने के लिए आई एक युवती फंदे से झूल गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
पुलिस ने बताया कि मृतका विजेता गुप्ता (34) पुत्र मनोज गुप्ता दिल्ली में रहती थी और प्राइवेट जॉब करती थी। वह रविवार को अपनी बहन के साथ बृज विहार में रहने वाले छोटे भाई के पास आई थी। छोटा भाई एक निजी कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। बुधवार को भाई कॉलेज चला गया। बहन कमरे में सोने चली गई। पीछे से विजेता ने फंदे से झूलकर खुदकुशी कर ली। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच में जुट गई है।

मजदूर ने की खुदकुशी
मुरलीपुरा थाना इलाके में एक मजदूर युवक ने अवसाद के चलते मौत को गले लगा लिया। मृतक अखिलेश कुमार (19) पुत्र राम कुमार मूलत: बिहार का रहने वाला था और देव नगर मुरलीपुरा में वह अपने जीजा केदार के पास रहता था। वह छह महीने पहले जयपुर आया था और मजदूरी करके अपना गुजारा चला रहा था। सुबह केदार ड्यूटी पर चला गया पीछे से अखिलेश ने फंदे से झूलकर खुदकुशी कर ली। शाम को जब वह घर लौटा तो कमरे का दरवाजा बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो उसने मकान मालिक की मदद से दरवाजे को धक्का देकर खोला तो वह फंदे से झूल रहा था। पुलिस को उसके कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है।


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