संचालक ताला लगाकर फरार, पीडि़तों का थाने में अंबार
16 March 2015
जयपुर। राजधानी में ठगों का तंत्र इतना मजबूत हो गया है कि पुलिस इन ठगों के आगे घुटने टेकती नजर आ रही हैं। रोजाना नई-नई ठगी की वारदातें सामने आ रही है।
जालूपुरा थाना इलाके में रविवार को भी ठगी की एक वारदात सामने आई है। इस मामले में दर्जनों लोग ठगों के शिकार हुए हैं। राधिक ा टावर में एक आलीशान ऑफिस खोलकर दो शातिर ठगों ने नौकरी का झांसा देकर कई लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी कर ली। जालूपुरा थाने पहुंचकर पीडि़तों ने घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज करवाया।
पुलिस के अनुसार आरोपी विकास और रोहित ने कुछ माह पहले अम्बर टावर में जीनियस सॉफ्टवेयर नाम से एक कंपनी खोली। दोनों शातिर ने ऑनलाइन स्केनिंग जॉब का झांसा देकर बेरोजगारों से करोड़ों रुपए जमा करवा ऑफि स के ताले लगा रफू चक्कर हो गए।
जॉब पोर्टल पर विज्ञापन देकर लूटा
पुलिस जांच अधिकारी एएसआई रामावतार सिंह के अनुसार आरोपी विकाश त्यागी और रोहित त्यागी ने अम्बर टावर में चार माह पहले जीनियस सॉफ्टवेयर का ऑफि स खोला जिसमें किताबें ऑनलाइन स्केन कर लोगों को जॉब देने का विज्ञापन दिया। आरोपियों ने कंपनी की पॉलिसी के अनुसार ढाई लाख रुपए बतौर जॉब सिक्यूरिटी बेरोजगारों से जमा करवा लिए। दोनों आरोपियों ने फर्जी जॉब लेटर के साथ-साथ स्केनर और जरूरी सामान भी बेरोजगारों को देकर उन्हें विश्वास में लिया। दोनों आरोपियों ने प्रति बेरोजगार को एक पेज स्कैन के 4 रुपए दिए और महिने में 25 हजार पेज स्कैन करने का टारगेट दिया। यानि आरोपियों ने बेरोजगारों को एक लाख रुपए महिने की कमाई का सब्जबाग दिखाया।
पगार मांगने गए तो मिला ताला
्रदोनों आरोपियों विकास और रोहित ने कई बेरोजगारों को हायर कर लिया। इनकी संख्या करीब 80 के लगभग होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। कई दिनों तक सिलसिला जारी रहा लेकिन जब पीडि़त पगार लेने के लिए पहुंचे तो मौका देख आरोपी ऑफि स के ताले जड़ फ रार हो गए। पीडि़तों को जब इस बात का पता चला तो वे थाने पहुंचे और में इन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
आरोपियों के पते निकले फर्जी
दोनों आरोपियों के फरार होने के बाद जब पुलिस के पास पीडि़त पहुंचे तो पीडि़तों ने मुख्य आरोपी विकास त्यागी के उत्तरप्रदेश का निवासी होने की जानकारी दी। पीडि़तों की रिपोर्ट के आधार पर जब पुलिस ने उत्तरप्रदेश पुलिस से संपर्क किया तो आरोपी का पता फ र्जी निकला। अब ऐसे में पुलिस का आरोपी को तलाश करना एक बेहद टेढ़ी खीर बन गया है।
जयपुर। राजधानी में ठगों का तंत्र इतना मजबूत हो गया है कि पुलिस इन ठगों के आगे घुटने टेकती नजर आ रही हैं। रोजाना नई-नई ठगी की वारदातें सामने आ रही है।
जालूपुरा थाना इलाके में रविवार को भी ठगी की एक वारदात सामने आई है। इस मामले में दर्जनों लोग ठगों के शिकार हुए हैं। राधिक ा टावर में एक आलीशान ऑफिस खोलकर दो शातिर ठगों ने नौकरी का झांसा देकर कई लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी कर ली। जालूपुरा थाने पहुंचकर पीडि़तों ने घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज करवाया।
पुलिस के अनुसार आरोपी विकास और रोहित ने कुछ माह पहले अम्बर टावर में जीनियस सॉफ्टवेयर नाम से एक कंपनी खोली। दोनों शातिर ने ऑनलाइन स्केनिंग जॉब का झांसा देकर बेरोजगारों से करोड़ों रुपए जमा करवा ऑफि स के ताले लगा रफू चक्कर हो गए।
जॉब पोर्टल पर विज्ञापन देकर लूटा
पुलिस जांच अधिकारी एएसआई रामावतार सिंह के अनुसार आरोपी विकाश त्यागी और रोहित त्यागी ने अम्बर टावर में चार माह पहले जीनियस सॉफ्टवेयर का ऑफि स खोला जिसमें किताबें ऑनलाइन स्केन कर लोगों को जॉब देने का विज्ञापन दिया। आरोपियों ने कंपनी की पॉलिसी के अनुसार ढाई लाख रुपए बतौर जॉब सिक्यूरिटी बेरोजगारों से जमा करवा लिए। दोनों आरोपियों ने फर्जी जॉब लेटर के साथ-साथ स्केनर और जरूरी सामान भी बेरोजगारों को देकर उन्हें विश्वास में लिया। दोनों आरोपियों ने प्रति बेरोजगार को एक पेज स्कैन के 4 रुपए दिए और महिने में 25 हजार पेज स्कैन करने का टारगेट दिया। यानि आरोपियों ने बेरोजगारों को एक लाख रुपए महिने की कमाई का सब्जबाग दिखाया।
पगार मांगने गए तो मिला ताला
्रदोनों आरोपियों विकास और रोहित ने कई बेरोजगारों को हायर कर लिया। इनकी संख्या करीब 80 के लगभग होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। कई दिनों तक सिलसिला जारी रहा लेकिन जब पीडि़त पगार लेने के लिए पहुंचे तो मौका देख आरोपी ऑफि स के ताले जड़ फ रार हो गए। पीडि़तों को जब इस बात का पता चला तो वे थाने पहुंचे और में इन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
आरोपियों के पते निकले फर्जी
दोनों आरोपियों के फरार होने के बाद जब पुलिस के पास पीडि़त पहुंचे तो पीडि़तों ने मुख्य आरोपी विकास त्यागी के उत्तरप्रदेश का निवासी होने की जानकारी दी। पीडि़तों की रिपोर्ट के आधार पर जब पुलिस ने उत्तरप्रदेश पुलिस से संपर्क किया तो आरोपी का पता फ र्जी निकला। अब ऐसे में पुलिस का आरोपी को तलाश करना एक बेहद टेढ़ी खीर बन गया है।
0 comments:
Post a Comment