केन्द्रीय कृषि मंत्री से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलवाने का
17 March 2015
जयपुर। राज्य में फसलों की बर्बादी का मामला राजस्थान से लेकर दिल्ली तक छाया रहा । सोमवार को जयपुर में विधानसभा में इस मामले पर चर्चा हुई तो राज्य के सांसदों ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक ज्ञापन केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह को सौंपत हुए किसानों की सहातार्थ नियमों में संशोधन
करने की मांग की। सांसदों ने केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली के समक्ष भी संसद में यह मामला उठाया है।
सांसद ओम बिरला ने बताया कि केन्द्रीय कृषि मंत्री ने सांसदों की बात ध्यान पूर्वक सुनी और केन्द्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। ज्ञापन में सांसदों ने बताया है कि राजस्थान के 26 जिलों में असमय हुई ओलावृष्टि एवं वर्षा के कारण कृषकों की पक कर कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं, सरसों ,मेथी, चना, धनिया, जीरा, ईसबगोल लहसुन, तारामीरा, अफीम इत्यादि सभी रबी की फसलें तबाह हो गई है। प्रदेश में इससे पूर्व इतने व्यापक स्तर पर फसलों की बरबादी पहले कभी नही हुई ।
सांसदों ने कहा कि राजस्थान में इस प्राकृतिक आपदा से हजारों किसान संकट में पड़ गए हैं और विपदा की इस घड़ी में सरकारी मदद से ही उन्हें संबल मिल सकता है। सांसदों ने कहा कि इस घोर प्राकृतिक विपदा के समय किसानों के किसान क्रेडिट कोर्ड के ऋण एवं अन्य सरकारी ऋण माफ किए जाएं। साथ ही रबी की फसल की इस अवधि के बिजली के बिल भी माफ किए जाएं और बिजली कंपनियों की राशि का पुनर्भरण केन्द्र सरकार द्वारा किया जाना चाहिए।
सांसदों ने मांग की कि लघु एवं सीमान्त कृषकों के अतिरिक्त अन्य सभी किसानों को भी एनडीआरएफ नियमों के तहत् तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाए। सांसदों ने सुझाव दिया कि एनडीआरएफ नियमों की पुनर्समीक्षा करने की आवश्यकता है और लघु और सीमान्त कृषकों के अतिरिक्त किसानों को भी एनडीआरएफ के नियमों के तहत् उतनी ही मुआवजा राशि प्रदान की जानी चाहिए। सांसदों ने बताया कि एनडीआरएफ के नियमों तहत् दी जाने वाली राहत राशि काफी कम है। जबकि किसानों की फसल लागत बहुत अधिक है। इसलिए किसानों को उनकी लागत राशि जितनी राशि आपदा राहत में दी जानी चाहिए।
केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से भेंट करने और प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में सांसद दुष्यंत सिंह, भूपेन्द्र यादव, ओम बिरला, राम चरण बोहरा, मनोज राजोरिया, अर्जुन राम मेघवाल, कर्नल सोना राम, बहादुर सिंह कोली, अर्जुन लाल मीणा, सी आर चौधरी, महंत चांदनाथ, चन्द्र प्रकाश जोशी, गजेन्द्र सिंह शेखावत, हरिओम सिंह राठौड, हरीश चंद्र मीना, पी पी चौधरी, सुखवीर सिंह जौनपुरिया, स्वामी सुमेधानन्द सरस्वती, संतोष अहलावत, सुभाष बहेडिय़ा, मानशंकर निनामा, देवजी पटेल, राहुल कस्वां, नारायण लाल पंचारिया, रामनारायण डूडी, विजय गोयल और वी पी सिंह आदि सांसदगण शामिल थे।
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