आरमोरर भत्ता, स्पोट््र्स फंड एवं बंदी कल्याण कोष भी बढ़ा
विधानसभा संवाददाता
जयपुर, गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने सोमवार को विधानसभा में पुलिस विभाग, नागरिक सुरक्षा एवं रक्षा विभाग, कारागार विभाग एवं अभियोजन विभाग के विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा कीं। उन्होंने राज्य में अपराधों में आई कमी के विस्तृत आंकड़े देने के साथ ही पुलिस आधुनिकीकरण
श्री कटारिया सदन में मांग संख्या-16 पुलिस एवं मांग संख्या-17 कारागार पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। बहस के बाद सदन ने पुलिस विभाग की 40 अरब 23 करोड़ 57 लाख 77 हजार रुपए एवं कारागार विभाग की 1 अरब 33 करोड़ 69 लाख 1 हजार रुपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दीं। इससे पहले श्री कटारिया ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि मांगों के संबंध में 234 कटौती प्रस्ताव सदन में आए हैं, उनका अध्ययन कराकर जवाब भिजवाया जाएगा और आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
गृह मंत्री ने घोषणा की कि कारागार विभाग के मुख्य प्रहरी एवं प्रहरी का मैस भत्ता 1500 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 1600 रुपए प्रतिमाह किया जाएगा। साथ ही उन्होंने पुलिस वायरलैस भत्ता, इमरजेन्सी टीम का रेस्पोन्स भत्ता, राजस्थान पुलिस का स्पोट्र्स फंड, उत्सव फंड, कारागार विभाग का आरमोरर भत्ता, स्पोट्र्स फंड, उत्सव फंड एवं बन्दी कल्याण कोष में भी बढ़ोतरी की घोषणा की। कटारिया ने कहा कि केस ऑफिसर स्कीम, बीट व्यवस्था, सीपीओ और सीएलजी को और प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा।
गृह मंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान पुलिस विभाग को आवंटित बजट का पूर्ण उपयोग नहीं कर पाई और 387 करोड़ रुपए की राशि खर्च ही नहीं हो पाई। जबकि वर्तमान सरकार इस वर्ष पुलिस को आवंटित 3985 करोड़ रुपए में से 3635 करोड़ रुपए 12 मार्च तक खर्च कर चुकी है और उम्मीद है कि 31 मार्च तक 95 से 98 प्रतिशत तक राशि खर्च की जाएगी।
गृह मंत्री द्वारा विधानसभा में की गयी महत्वपूर्ण घोषणाएं :-
पुलिस विभाग
पुलिस विभाग के हैड कॉन्सटेबल एवं कॉन्सटेबल, नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षा विभाग के मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी, वाहन चालक तथा कारागार विभाग के मुख्य प्रहरी एवं प्रहरी के मैस भत्ता 1500 प्रतिमाह से बढ़ाकर 1600 रुपए किया जाना प्रस्तावित है।
पुलिस वायरलैस भत्ता - आरएसी के समकक्ष करते हुए पुलिस निरीक्षक को 100 रुपए प्रतिमाह, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, हैड कांसटेबल को 40 प्रतिमाह एवं कॉन्सटेबल को 200 रुपए प्रतिमाह किया जाना प्रस्तावित है।
इमरजेन्सी रेस्पॉन्स टीम को जोखिम भत्ता - पुलिस निरीक्षक से लेकर कॉन्सटेबल तक 300 रुपए, प्रतिमाह से बढ़ाकर 400 रुपए प्रतिमाह किया जाना प्रस्तावित है।
एसटीएफ में पदस्थापित सहायक कामान्डेन्ट को 300 रुरपए प्रतिमाह, कम्पनी कमाण्डर को 200 रुपए प्रतिमाह, प्लाटून कमाण्डर को 120 रुपएप्रतिमाह, हैड कॉन्सटेबल को 100 रुपए प्रतिमाह तथा कॉन्सटेबल को 80रुपए प्रतिमाह विशेष भत्ता दिया जाना प्रस्तावित है।
राजस्थान पुलिस के स्पोट्र्स फण्ड में इस वर्ष 35 लाख रुपए तथा उत्सव फण्ड में 30 लाख रुपए अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है।
नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षा विभाग
मानदेय (ड्यूटी भत्ता) - नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षा विभाग के स्वयं सेवकों को मानदेय भत्ता 300 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 325 रुपए
रुपये प्रतिदिन किया जाना प्रस्तावित है।
नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षा विभाग के कल्याण निधि में इस वर्ष 6 लाख रुपए तथा उत्सव फण्ड में 3 लाख रुपए अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है।
कारागार विभाग
आरमोरर भत्ता - कारागार विभाग के प्रहरी आरमोरर को आरमोरर भत्ता 150 े प्रतिमाह से बढ़ाकर 200 रुपए प्रतिमाह किया जाना प्रस्तावित है।
कारागार विभाग के स्पोट्र्स फण्ड में इस वर्ष 7.50 लाख रुपए का तथा उत्सव फण्ड में भी 7.50 लाख रुपएअनुदान दिया जाना प्रस्तावित है।
कारागार विभाग के बन्दी कल्याण कोष में इस वर्ष 175 लाख रुपए, का अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है, जिसमें से 100 लाख रुपए
े कच्चा माल क्रय करने हेतु रिवोल्विंग फण्ड के लिए, 50 लाख रुपए अन्य कल्याण कार्यों के लिए व 25 लाख रुपए प्रशिक्षण हेतु व्यय किया जाना प्रस्तावित है।
0 comments:
Post a Comment