26 March 2015
जयपुर। पुलिस ने शहर में बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एक एण्ड्रॉइड एप तैयार किया है। इस ऐप के जरिए पुलिस शहर में दूसरे स्थानों से आकर रहने वाले किराएदार, घरेलू नौकर, चौकीदार, ड्राईवर, दुकानदार, हॉस्टल छात्रों व अन्य लोगों का वैरिफि केशन करेंगें। फिलहाल इस एप के जरिए जयपुर जिला(पूर्व) के अन्तर्गत आने वाले थाना इलाक ाके में ही किराएदारों का वैरिफि केशन होगा। बुधवार को पुलिस उपायुक्त (पूर्व) कार्यालय में पुलिस आयुक्त जंगा श्रीनिवास राव ने इस ऐप का शुभारंभ किया।
पुलिस आयुक्त जंगा श्रीनिवास राव ने बताया कि इस एन्ड्रोइड बेस्ड एप्लीकेशन के जरिए थाने के कानिस्टेबल घर-घर जाकर मकान मालिक, किराएदार, घरेलू नौकर, चौकीदार, ड्राईवर, दुकानदार, हॉस्टल छात्रों और अन्य लोगों का वेरिफि केशन करेंगें। प्रारंभिक तौर पर प्रतापनगर में 850 लोगों का वैरिफिकेशन प्रतापनगर थाना पुलिस के द्वारा किया गया है।पुलिस ने ही तैयार किया ऐप
इस एप्लीकेशन को डीसीपी(पूर्व) कुं वर राष्ट्रदीप के दिशा निर्देशन में थानाधिकारी पुलिस थाना प्रतापनगर सूर्यवीर सिंह राठौड़ व उनके सहयोगियों द्वारा तैयार किया गया है। इस एप्लीकेशन को तैयार करने का मकसद घरेलू नौकर, चौकीदार, ड्राईवर, किराएदारों की अपराधिक वारदातों में संलिप्तता की रोकथाम के लिए किया गया है। पुलिस को वेरिफि केषन में होने वाली कागजी कार्यवाही से भी मुक्ति मिलेगी।
यूं लगेगा अपराधों पर अंकुश
जयपुर जिला पूर्व के 15 पुलिस थानों में शुरू इस पायलट प्रोजेक्ट की प्रायोगिक तौर पर शुरुआत की गई है। प्रत्येक थाने में टेबलेट फ ोन के द्वारा कानिस्टेबल अपने-अपने क्षैत्र में घर-घर जाकर वहां रहने वालों का वेरिफि केशन करेंगे। इसके साथ ही शहर के प्रमुख स्थानों पर मजदूरी के लिए रोजाना चौखटी पर इकठ््ठे होने वाले श्रमिकों व निर्माणाधीन इमारतों के श्रमिकों, थड़ी ठेले वालों का भी इस एप्लीकेशन के जरिए वेरिफि केशन होगा। किसी भी आपराधिक घटना के बाद पुलिस को वहां आसपास रहने वाले लोगों की डिटेल महज एक क्लिक पर मिल जाएगी। वैरिफिकेशन के वक्त पुलिस फोटो और आईडी की इमेज डाटाबेस में स्टोर करके रखेगी।
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