Monday, 16 March 2015

28 जिलों के 4247 गांव ओलावृष्टि से प्रभावित

fasal के लिए चित्र परिणाम
3102 गांवों में 50 प्रतिशत फसलें बर्बाद
25 मार्च तक कराई जाएगी गिरदावरी 
17 March 2015
जयपुर।
राज्य में बेमौसम वर्षा से किसानों का भारी नुकसान हुआ है। राज्य के 28 जिलों में
4,247 गांवों में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हुई है, और 3102 गांवों में फसलों की 50 प्रतिशत से  ज्यादा नुकसान हुआ है। आकाशीय बिजली गिरने व बारिश के कारण 25 लोगों की मृत्यु हो गई है और करीब 1500 छोटे बड़े पशुओं की मौत हुई है।
4 हजार 964 कच्चे और पक्के आवासीय मकानों को क्षति पहुंची है। राज्य के आपदा प्रबंधन और सहायता मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने राज्य में हुई भारी वर्षा से  हुए नुकसान की सदन में जानकारी दी।  उन्होंने कहा कि यह प्रारंभिक सूचना है, गिरदावरी अब 25 मार्च तक करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार जीरा, ईसबगोल, गेहूं, चना, सरसों, जौ, लहसुन, धनिया और संतरा की फसल प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि ृ12, 13, 14 और 15 मार्च को भी बेमौसम बारिश राज्य के अनेक जिलों में हुई है। अत: सरकार इसके प्रति गंभीर है और इसलिए पहले घोषित गिरदावरी के समय 18 मार्च को बढ़ाकर 25 मार्च तक कर दिया गया है जिससे नुकसान के पूरे आकलन की पूरी जानकारी मिल सके। आकाशीय बिजली गिरने से हुई लोगों की मृत्यु के मामले में 1.5 लाख की राशि का मुआवजा मृतकों के परिजनों को दिया जा रहा है। अधिकांश को मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है और शेष लोगों को भी शीघ्र मुआवजा दे दिया जा जाएगा। पशुओं की मृत्यु के मामले में भी शीघ्र भुगतान की व्यवस्था की जा रही है।
23 जिलों में ज्यादा हुआ नुकसान - कटारिया ने सदन में इस  मुद्दे पर हुई चर्चा के बाद जवाब में बताया कि प्रकृति ने किसानों पर जो कहर ढहाया है, उससे किसान को तो पीड़ा हुई ही है, हम सबको भी इसका गहरा दुख है।  उन्होंने बताया कि अब तक जिन 23 जिलों में ज्यादा नुकसान की जानकारी मिली है, उसके अनुसार अजमेर जिले के 890 गंावों में जीरा, गेहूं व जौ की फसल, टोंक के 215 गांवों में जीरा, चना एवं गेहूं तथा भीलवाड़ा जिले की सभी 11 तहसीलों के 1026 गांवों में गेहूं, सरसों और चने की फसल में काफी नुकसान हुआ है। बूंदी जिले की सभी तहसीलों के 650 गांव, अलवर की 4 तहसीलों के 230 गांव, कोटा जिले के 588 गांवों में गेहूं और धनिया, जोधपुर जिले में ईसबगोल की फसल प्रभावित हुई है।
उन्होंने बताया कि जैसलमेर जिले के 7 गांवों में, बाड़मेर के 284 गांवों में तथा पाली, सिरोही एवं चित्तौडग़ढ़ जिलों में भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि बीकानेर जिले में ज्यादा नुकसान नही हुआ, 30 गांव प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सदस्यों को आश्वस्त किया कि यह सूचना प्रारंभिक है तथा पूरे राज्य  की सूचना आने के बाद ही वास्तविकता का पता चल पाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि वे 25 मार्च तक आवश्यक रूप से गिरदावरी की रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि यदि कोई क्षेत्र छूट जाता है और ध्यान में लाया जाता है तो हम उसकी निश्चित रूप से गिरदावरी करवाएंगे।
केन्द्र से की 25 प्रतिशत खराबे पर मुआवजे की मांग- कटारिया ने बताया कि केंद्रीय राहत कोष के नियमों के अनुसार 50 प्रतिशत से ज्यादा खराबा होने पर ही मुआवजा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हमने पहले ही केंद्र सरकार को केंद्रीय राहत कोष के नियमों में 50 प्रतिशत की जगह 25 प्रतिशत फसल खराबे पर ही मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि सीआरएफ के नॉम्र्स बने हुए हैं, उसमें असिंचित क्षेत्र के लिए 4 हजार 500 रुपए, सिंचित क्षेत्र के लिए 16 हजार रुपए तथा नहरी क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर 12 हजार रुपए मुआवजे के रूप में दिए जाते हैं।

आबियाना शुल्क माफ करने का भी है प्रावधान -
उन्होंने बताया कि अभावग्रस्त गांव घोषित होने पर संबंधित क्षेत्र में आबियाना शुल्क माफ किया जाता है तथा अल्पकालीन ऋण को दीर्घ कालीन में परिवर्तित करने के साथ 4 महीने का बिजली बिल माफ करने का प्रावधान है। इसी तरह किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर डेढ़ लाख रुपए, 40 प्रतिशत से ज्यादा घायल होने पर 42 हजार 500 रुपए, 80 प्रतिशत से ज्यादा अपंग होने पर 62 हजार रुपए, एक सप्ताह से ज्यादा दिनों तक अस्पताल में रहने पर 9 हजार 300 और एक सप्ताह से कम समय तक अस्पताल में भर्ती रहने पर 3 हजार 100 रुपए की सहायता देने का प्रावधान है।

इसी तरह दुधारू पशु, जिसमें गाय, भैंस की मृत्यु हो जाने पर 16 हजार 400 रुपए एवं भेड़ एवं बकरी की मृत्यु हो जाने पर 1650 की मुआवजा राशि दी जाती है। जो पशु दूध नहीं देते हैं, ऐसे गाय, भैंस की मृत्यु होने पर 15 हजार रुपए दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पक्का मकान क्षतिग्रस्त होने पर 70 हजार एवं कच्चा मकान के क्षतिग्रस्त होने पर 17 हजार 600 रुपए दिए जाते हैं।


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