फिरोजाबाद से गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल पहुंचा मजबूर पिता
कैंसर का शिविर का हुआ शुभांरभ
16 March 2015
जयपुर । तम्बाकू खाना फिरोजाबाद निवासी 30 वर्षीय शानू की इस कदर महंगा पड़ा कि उसकी जान पर बन आई है । उसको मुंह का गंभीर कैंसर हो गया है इलाज के लिए जब उसे एसएमएस अस्पताल लाया गया तो चिकित्सकों ने उसे कीमोथैरेपी कर बाद में आने के लिए कहा ।
इस पर उसके पिता अब्दुल्ला ने शानू को अस्पताल में भर्ती करने के लिए मिन्नतें की लेकिन चिकित्सकों का तर्क था कि कीमाथैरेपी के बाद ही शानू को भर्ती किया जा सकता है क्योंकि शानू के मुंह की सर्जरी उसके बाद ही की जा सकेगी और अभी इसमें समय लगेगा । लेकिन बेटे की हालत देख वापस जाने को तैयार नहीं अब शानू के पिता अब्दुल्ला रैन बसेरे में शानू को रख चिकित्सकों से उसे भर्ती की गुहार लगा रहे हंै ।
चूड़ी का करते हैं व्यापार
पीडि़त शानू के पिता अब्दुल्ला ने बताया कि वे चूड़ी बेचने का व्यापार फिरोजाबाद में करते हैं । शानू सहित उसके पांच और छोटे भाई हैं जो कि फिरोजाबाद में ही रहते हैं । शानू अपने भाईयों में सबसे बड़ा है। करीब आठ साल पहले से उसने तम्बाकू का सेवन शुरू किया बाद में जर्दा व
गुटखा खाने की लत और अधिक बढ़ गई शानू टीवी देखते हुए हमेशा मुंह में गुटखा पाउच इत्यादि खाया करता था जिससे शानू को अभी कुछ समय पहले ही गाल में गंभीर कैंसर हो गया है । अब शानू गंभीर रूप से बीमार है वह खाना भी नहीं खा पाता है ।
टी वी देखते हुआ शानू खाता था गुटखा
बेटे की हालत से बुरी तरह पस्त हुए अबदुल्ला ने बताया कि वह गुटखा पाउच बड़े शौक से खाता था कई बार तो शानू तम्बाकू मुंह में रखकर ही सो जाता था । मना करने पर भी मानता नहीं था जिस वजह से शानू को कैंसर जैसी भयानकर बीमारी हुई । अब्दुल्ला की मानें तो बढ़ती हुई
महंगाई में जहां घर की माली हालत पहले ही खराब हो गई है । उस पर शानू को कैंसर जैसी भयानक बीमारी ने घेर लिया है । जयपुृर से फिरोजाबाद जाने में खर्च बहुत लगता है एसएमएस में मरीज को भर्ती ना करके उसे हर हफ्ते बुलाया जाता है जिससे परेशानी और बढ़ गई है ।
कम नहीं हुई परेशानी
एसएमएस अस्पताल में मरीजों को जल्द इलाज का दावा किया जाता है वहीं अब्दुल्ला के कैंसर पीडि़त बेटे शानू को अभी भर्ती नहीं किया गया है । एसएमएस के बिड़ला कैंसर विभाग में वह शानू को भर्ती करने के लिए चिकित्सकों से मिन्नतें कर रहा है । लेकिन चिकित्सकों को पहले कीमो थैरपी करवाने की बात को देखते हुए कम से कम के तीन हफ्ते बाद ही शानू को अस्पताल में सर्जरी के लिए भर्ती किया जाएगा । तब तक उसे जयपुर से फिरोजाबाद ले जाने और वापस लाने का खर्चा उसके पास नही होने से वह एसएमएस के रैन बसेरे में रहने के लिए मजबूर है।
कैंसर का शिविर का हुआ शुभांरभ
जयपुर । तम्बाकू खाना फिरोजाबाद निवासी 30 वर्षीय शानू की इस कदर महंगा पड़ा कि उसकी जान पर बन आई है । उसको मुंह का गंभीर कैंसर हो गया है इलाज के लिए जब उसे एसएमएस अस्पताल लाया गया तो चिकित्सकों ने उसे कीमोथैरेपी कर बाद में आने के लिए कहा ।
इस पर उसके पिता अब्दुल्ला ने शानू को अस्पताल में भर्ती करने के लिए मिन्नतें की लेकिन चिकित्सकों का तर्क था कि कीमाथैरेपी के बाद ही शानू को भर्ती किया जा सकता है क्योंकि शानू के मुंह की सर्जरी उसके बाद ही की जा सकेगी और अभी इसमें समय लगेगा । लेकिन बेटे की हालत देख वापस जाने को तैयार नहीं अब शानू के पिता अब्दुल्ला रैन बसेरे में शानू को रख चिकित्सकों से उसे भर्ती की गुहार लगा रहे हंै ।
चूड़ी का करते हैं व्यापार
पीडि़त शानू के पिता अब्दुल्ला ने बताया कि वे चूड़ी बेचने का व्यापार फिरोजाबाद में करते हैं । शानू सहित उसके पांच और छोटे भाई हैं जो कि फिरोजाबाद में ही रहते हैं । शानू अपने भाईयों में सबसे बड़ा है। करीब आठ साल पहले से उसने तम्बाकू का सेवन शुरू किया बाद में जर्दा व
गुटखा खाने की लत और अधिक बढ़ गई शानू टीवी देखते हुए हमेशा मुंह में गुटखा पाउच इत्यादि खाया करता था जिससे शानू को अभी कुछ समय पहले ही गाल में गंभीर कैंसर हो गया है । अब शानू गंभीर रूप से बीमार है वह खाना भी नहीं खा पाता है ।
टी वी देखते हुआ शानू खाता था गुटखा
बेटे की हालत से बुरी तरह पस्त हुए अबदुल्ला ने बताया कि वह गुटखा पाउच बड़े शौक से खाता था कई बार तो शानू तम्बाकू मुंह में रखकर ही सो जाता था । मना करने पर भी मानता नहीं था जिस वजह से शानू को कैंसर जैसी भयानकर बीमारी हुई । अब्दुल्ला की मानें तो बढ़ती हुई
महंगाई में जहां घर की माली हालत पहले ही खराब हो गई है । उस पर शानू को कैंसर जैसी भयानक बीमारी ने घेर लिया है । जयपुृर से फिरोजाबाद जाने में खर्च बहुत लगता है एसएमएस में मरीज को भर्ती ना करके उसे हर हफ्ते बुलाया जाता है जिससे परेशानी और बढ़ गई है ।
कम नहीं हुई परेशानी
एसएमएस अस्पताल में मरीजों को जल्द इलाज का दावा किया जाता है वहीं अब्दुल्ला के कैंसर पीडि़त बेटे शानू को अभी भर्ती नहीं किया गया है । एसएमएस के बिड़ला कैंसर विभाग में वह शानू को भर्ती करने के लिए चिकित्सकों से मिन्नतें कर रहा है । लेकिन चिकित्सकों को पहले कीमो थैरपी करवाने की बात को देखते हुए कम से कम के तीन हफ्ते बाद ही शानू को अस्पताल में सर्जरी के लिए भर्ती किया जाएगा । तब तक उसे जयपुर से फिरोजाबाद ले जाने और वापस लाने का खर्चा उसके पास नही होने से वह एसएमएस के रैन बसेरे में रहने के लिए मजबूर है।
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