Tuesday, 10 March 2015

12 लाख की साइबर धोखाधडी के तीन आरोपी गिरफ्तार


cyber crime के लिए चित्र परिणाम
11 March 2015
जयपुर। साइबर थाना पुलिस ने 12 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि एक माह पूर्व टीकेन्द्र मुदगल पुत्र खचेरीराम शर्मा निवासी 20 ए भगवती नगर प्रथम करतारपुरा ने साइबर क्राईम पुलिस थाने पर एक रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसने चार वर्ष पूर्व बिरला सन लाईफ  कम्पनी से बिमा करवाया था जिसके वर्ष 2012-13 के प्रिमियम बकाया थे।
आरोपियों ने अपने को बिरला सन लाईफ  का प्रतिनिधी बताकर परिवादी को कॉल कर उसको सिर्फ 18 माह में रकम दुगनी करने का झांसा दिया। इसकी एवज में आरोपियों ने पीडि़त से 12 लाख रुपए ले लिए। पकड़ गए आरोपियों में पिता-पुत्र शामिल हैं। ओरापियों ने अहिंसा सर्किल जयपुर में यूएनआई वेल्यू सर्विसेज प्राईवेट लिमिटेड के नाम से भी कंपनी खोल रखी है। पुलिस को ऑफि स की तलाशी में करोडों रुपए की ठगी के दस्तावेज बरामद हुए। आरोपियों के खिलाफदिल्ली  में भी 85 लाख की धोखधडी का मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जहां से मजिस्ट्रेट ने उन्हें 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

संदिग्ध खातों से आरोपियों तक पहुंचे
पुलिस को जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों एवं संदिग्ध मोबाईल फ ोन कॉल्स का रिकॉर्ड प्राप्त कि या। पुलिस को जांच में इन संदिग्ध बैंक खातों में करोड़ो रुपए के  लेन-देन होने की बात मालूम चली। पुलिस ने इसके बाद आरोपियों के खातों पर सतत निगरानी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली निवासी अनीसयार खान(27) व उसके पिता सुल्तानयार खान(62)व जिला बस्ती उत्तरप्रदेश निवासी गुन्जन ंिसंह(25) को गिरफ्तार कर लिया।
तीनों व्यक्तियों एवं अन्य सहयोगियों ने हिंसा सर्किल जयपुर में यूएनआई वेल्यू सर्विसेज प्राईवेट लिमिटेड के नाम से भी कंपनी खोल रखी है। पुलिस को ऑफि स की तलाशी में करोडों रुपए की ठगी के दस्तावेज बरामद हुए।

एक हजार लोगों के साथ धोखाधड़ी
पुलिस को विनायक बिल्डिंग में चल रहे यूएनआई वेल्यू सर्विसेज प्राईवेट लिमिटेड के ऑफिस पर दबिश दी तो एक हजार से भी अधिक व्यक्तियों केसाथ धोखाधडी करने का रिकॉर्ड मिला है। इनके विभिन्न बैंक खातों में भी करोडों रूपयों का लेन-देन होना सामने आया है। मौके से जब्त रिकार्ड कम्प्यूटर हार्ड डिस्क, लेपटॉप की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरी तरह इन शातिरों की करतूतों का पर्दाफाश हो सकेगा। आरापियों ने फ र्जी पतों के जरिए मोबाईल सिम काड्र्स व बैंक खाते खुलवाने की बात सामने आई है। आरोपियों के खिलाफ मुल्जिमान ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर अन्य कई कम्पनियां भी खोल रखी है। पुलिस आरोपयिों से इस बारे में विस्तृत पूछताछ कर रही है।


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