22 March 2015
जयपुर। होटल मैरियट में चल रही चार दिनों तक चली वाली काउंटर टेररिज्म कांफ्रेंस में 16 देशों से आए खुफिया विभागों के ऑफिसर्स के व्याख्यानों के साथ ही शनिवार को राष्ट्रगान के साथ समापन हो गया। कांफ्रेस में इन देशों से आए खुफिया विभाग के प्रतिनिधियों ने अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद से लडऩे के उपाय साझा किए साथ ही मानवता के इन दरिंदों के खिलाफ कठोर और
आक्रामक रुख अपनाने की बात कही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
देश में खोंलेंगे आतंक के खिलाफ प्रशिक्षण देने वाले स्कूल
शनिवार को स्टेट फॉर होम अफेयर्स मंत्री(हिंदी अनुवाद कर लें) किरण रिज्जूु ने कांफे्रस में कहा कि सरकार चीन, अमरीका और इजराइल की तर्ज पर देश में बढ़ते आतंकी खतरे को देखते हुए आतंक के खिलाफ लडऩे के लिए प्रशिक्षण स्कूलों को खोलेगी ताकि देश में आतंकवाद से मुकाबले के लिए एक्सपर्ट मिल सकें। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद को किसी देश अथवा जगह से जोड़कर नहीं देख सकत। इन मानवता के हत्यारों से सभी को वैश्विक स्तर पर आगे आना होगा। आतंकी जैविक और रासायनिक हथियारों के जरिए विश्व में बड़े स्तर पर नरसंघार को अंजाम देने की फिराक में है। इस तरह के आतंकी हमलों से बचने के लिए हमें तैयार रहना होगा।
राज्य पुलिस मानवाधिकार की प्रहरी
भाजपा महासचिव राम माधव ने राज्य की पुलिस को असली मानवाधिकार का प्रहरी बतलाया। इस कांफे्रंस के जरिए विभिन्न देशों से आए खुफिया और सुरक्षा विभाग से जुड़े तकनीकी एक्सपर्ट की साझाा रिपोर्ट के जरिए जल्द ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की नई रुप रेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने समाज में अपराधों को रोकने वाली पुलिस के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
अमन की आशा को बकवास,वैदिक होने पर गर्व
प्रसिद्ध लेखक तारिक फतेह ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान जैसे देश के साथ अमन की आशा रखना पूरी तरह गलत है। अफगनिस्तान ने केवल भारत में बल्कि अफगानिस्तान में भी अस्थिरता फैलाना चाहता है। उन्होनें जिहाद के नाम पर कत्लेआम की निंदा की और अरब मुसलमानों से बेहतर भारतीय मुसलमानों को बताया।उन्होनें कहा कि भारतीय मुसलमान वैदिक है और उनका मूल भी वैदिक संस्कारित परिवार है। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल एकम ही हमारा नववर्ष है क्योंकि बसंत की शुरूआत नव ऊर्जा को लेकर आती है 1 जनवरी को उन्होंने ईसाईयत नव वर्ष का प्रतीक बताया और कहा यह तो हमारी संस्कृति का हिस्सा ही नहीं है।
इन्होनें भी रखे विचार
कांफ्रेंस में शक्ति सिन्हा, डा. हाबिल क्रिस्टीयन वैग्रर,सिंज हैन्सन सैरिंग, मार्विन विन्बॉम ने तालिबान के ऊपर व्याख्यान दिए। आलोक बंसल, डॉ. योसेफ बोदान्सकी, वईद अवाद, एमजे अकबर और थॉमस लिंच ने अलकायदा और वैश्विक जिहाद के ऊपर प्रजेन्टेशन दी।
इसके अतिरिक्त एफ्रेम इबर, सुल्तान शाहिद, डॉ. आयशा सिद्दीकी, फारूक हसन, ए. मुखापाध्याय,
ने भी आतंकवाद से निपटने के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की।
आक्रामक रुख अपनाने की बात कही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
देश में खोंलेंगे आतंक के खिलाफ प्रशिक्षण देने वाले स्कूल
शनिवार को स्टेट फॉर होम अफेयर्स मंत्री(हिंदी अनुवाद कर लें) किरण रिज्जूु ने कांफे्रस में कहा कि सरकार चीन, अमरीका और इजराइल की तर्ज पर देश में बढ़ते आतंकी खतरे को देखते हुए आतंक के खिलाफ लडऩे के लिए प्रशिक्षण स्कूलों को खोलेगी ताकि देश में आतंकवाद से मुकाबले के लिए एक्सपर्ट मिल सकें। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद को किसी देश अथवा जगह से जोड़कर नहीं देख सकत। इन मानवता के हत्यारों से सभी को वैश्विक स्तर पर आगे आना होगा। आतंकी जैविक और रासायनिक हथियारों के जरिए विश्व में बड़े स्तर पर नरसंघार को अंजाम देने की फिराक में है। इस तरह के आतंकी हमलों से बचने के लिए हमें तैयार रहना होगा।
राज्य पुलिस मानवाधिकार की प्रहरी
भाजपा महासचिव राम माधव ने राज्य की पुलिस को असली मानवाधिकार का प्रहरी बतलाया। इस कांफे्रंस के जरिए विभिन्न देशों से आए खुफिया और सुरक्षा विभाग से जुड़े तकनीकी एक्सपर्ट की साझाा रिपोर्ट के जरिए जल्द ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की नई रुप रेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने समाज में अपराधों को रोकने वाली पुलिस के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
अमन की आशा को बकवास,वैदिक होने पर गर्व
प्रसिद्ध लेखक तारिक फतेह ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान जैसे देश के साथ अमन की आशा रखना पूरी तरह गलत है। अफगनिस्तान ने केवल भारत में बल्कि अफगानिस्तान में भी अस्थिरता फैलाना चाहता है। उन्होनें जिहाद के नाम पर कत्लेआम की निंदा की और अरब मुसलमानों से बेहतर भारतीय मुसलमानों को बताया।उन्होनें कहा कि भारतीय मुसलमान वैदिक है और उनका मूल भी वैदिक संस्कारित परिवार है। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल एकम ही हमारा नववर्ष है क्योंकि बसंत की शुरूआत नव ऊर्जा को लेकर आती है 1 जनवरी को उन्होंने ईसाईयत नव वर्ष का प्रतीक बताया और कहा यह तो हमारी संस्कृति का हिस्सा ही नहीं है।
इन्होनें भी रखे विचार
कांफ्रेंस में शक्ति सिन्हा, डा. हाबिल क्रिस्टीयन वैग्रर,सिंज हैन्सन सैरिंग, मार्विन विन्बॉम ने तालिबान के ऊपर व्याख्यान दिए। आलोक बंसल, डॉ. योसेफ बोदान्सकी, वईद अवाद, एमजे अकबर और थॉमस लिंच ने अलकायदा और वैश्विक जिहाद के ऊपर प्रजेन्टेशन दी।
इसके अतिरिक्त एफ्रेम इबर, सुल्तान शाहिद, डॉ. आयशा सिद्दीकी, फारूक हसन, ए. मुखापाध्याय,
ने भी आतंकवाद से निपटने के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की।
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