बीमारी के चलते थी अवसाद में
10 March 2015
जयपुर। आमेर के मावठा सरोवर में रविवार को मृत मिली युवती की सोमवार को शिनाख्त हो गई। मृत युवती की पहचान खोनागोरियान थाना इलाके के मीणा पालड़ी निवासी आशा वर्मा के रूप में हुई। वह दमा और टीबी की बीमारी ग्रसित थी। इसके चलते वह परेशान चल रही थी।
बीमारी के चलते वह घर से बाहर तक नहीं निकलती थी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या अथवा हत्या दोनों मानकर जांच कर रही है।
आमेर थानाधिकारी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि रविवार दोपहर को गौरा पार्वती के मंदिर की ओर मावठे में युवती की लाश मिली थी। शिनाख्त नहीं होने पर शव को एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया था। सोमवार को उसकी पहचान गुढ़ा गौड़जी झुंझुनूं निवासी आशा वर्मा (20) के रूप में हुई। वह मीणा पालड़ी खोनागोरियान में किराए से अपने पिता रामकरण वर्मा और भाई के साथ रहती थी। वह 1 मार्च दोपहर से घर से लापता थी। तीन मार्च को उसके पिता ने खोनागोरियान थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
बीमारी का इलाज कराने आई थी जयपुर
खोनागोरियान थानाधिकारी हरजीलाल यादव ने बताया कि मृतका अपनी मां के साथ गांव में ही रहती थी। उसके पहले से ही दमा की बीमारी थी, जिसका उपचार गुढ़ा गौड़जी में चल रहा था। करीब तीन माह पहले उसके टीबी की बीमारी भी हो गई थी। ऐसे में उसके पिता रामकरण इलाज कराने के लिए उसे अपने पास पालड़ी मीणा में बुला लिया था। यहां अस्पताल शास्त्री नगर में उसका उपचार चल रहा था। बीमारी के कारण उससे पैदल काफी दूर तक चला भी नहीं जाता था। थोड़ी चलने में उसकी सांसें फूल जाती थी। ऐसे में मावठा सरोवर तक किस तरह गई होगी, इस बारे में पता लगाया जा रहा है।
आत्महत्या व हत्या में संशय
पुलिस मामले की जांच आत्महत्या और हत्या दोनों बिंदुओं को लेकर कर रही है। आत्महत्या इसलिए माना जा रहा है कि आशा कई दिनों से बीमारियों से परेशान चल रही थी। वहीं हत्या से इनकार नहीं किया जा रहा है, क्योंकि कुछ दूर पैदल चलने में ही आशा की सांस फूल जाती थीं तो वह मावठे तक कैसे पहुंच सकती है।
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