अब बैंक अफसरों पर कसेगा कानूनी शिकंजा
24 March 2015
इसको लेकर सीआईडी सीबी ने स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश दे दिया है। चोरी की वारदात होने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाईन के अनुसार सुरक्षा की अनदेखी और मापदंड़ों की अवहेलना करने पर संबंधित बैंक अधिकारी के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया जाए।
पुलिस के अनुसार पिछले ढाई माह में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में एटीएम को काटकर उससे रुपए निकालने की 22 वारदातें हो चुकी हैं। बदमाश बैखौफ होकर इन वारदातों में करीब सवा दो करोड़ रुपए लूट लिए। सभी मामलों की जांच में सामने आया कि जो 15 एटीएम चोरी की वारदातें हुईं वे एटीएम सूनसान जगह पर लगे हुए थे। उनकी सुरक्षा के लिए ना तो एटीएम में कोई सुरक्षाकर्मी था ना ही कैमरे थे। लूटे गए ये एटीएम सिर्फ चार बोल्ट पर लगे हुए हैं जिनको चोर आसानी से काटकर ले गए और कहीं भी एटीएम काटकर रकम ले गए। छह माह पहले तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अजीत सिंह ने सभी बैंकों के अधिकारियों से बैठक करके रिजर्व बैंक के गाइडलाईन के अनुसार एटीएस लगाने उनकी सुरक्षा की बात कही थी। उस समय बैंक अधिकारियों ने छह माह में सुरक्षा पुख्ता करने की बात कही थी। लेकिन आज तक एटीएमों की सुरक्षा पुख्ता नहीं हो पाई है। जिसके कारण इस तरह की वारदातें लगातर हो रही हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने नियम बना रखा है कि एटीएम उसी जगह लगे जहां पर उसकी पूरी सुरक्षा हो सके उसके बावजूद एटीएम जंगलों और पहाड़ी इलाकों में लगाए जा रहे हैं और उनकी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था भी नहीं की जा रही है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध पंकज कुमार सिंह ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलाके में कहीं भी एटीएम चोरी की वारदात हागी और वारदात में एटीएम की सुरक्षा नियम अनुसार नहीं मिली तो बैंक के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। जिससे उसके खिलाफ कार्यवाही हो सके। पुलिस यह सब वारदातें कम करने और एटीएम की सुरक्षा के लिए कर रही है।
बयान
हम एटीएम की सुरक्षा के लिए कई उपाय कर रहे हैं अधिकतर वारदातों में बैंक की लापरवाही सामने आई है। इसलिए बैंक अधिकारी के खिलाफ भी कानून सम्मत कार्यवाही की जाएगी
पंकज कुमार सिंह
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध
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