बोले- विदेश से मिल रही आतंकी मदद को खत्म कर देगे
21 March 2015
जयपुर। भाजपा के प्रवक्ता राम माधव ने जम्मू कश्मीर में लागू धारा 370 के बारे में कहा कि केन्द्र इस पर निर्णय करेगा। साथ ही उन्होंने कहा देश में बढ़ते आतंकी खतरे को रोकने के लिए विदेशों से मिलने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगना बेहद जरूरी है। सरकार जल्द ही ऐसे खातों की पहचान करके इसे रोकने की कोशिश कर रही है। काउंटर टेररिज्म के दूसरे दिन कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आए राम माधव ने बातचीत के कुछ मुख्य अंश-
आतंक से लडऩे के लिए सरकार की क्या कार्ययोजना है?
आतंकवाद राष्ट्रीय अस्मिता के एक चुनौती है। इससे निपटने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। काउंटर टेररिज्म में 16 देशों के खुफिया विभाग के ऑफिसर भाग ले रहे हैं। हम इस चुनौती से निपटने के लिए इन देशों की मदद लेंगे।
जम्मू कश्मीर में धारा 370 के खात्मे कि दिशा में कोई ठोस कदम क्यो नहीं उठाया गया?
जम्मू कश्मीर की जनता ने भाजपा में अभूतपूर्व विश्वास जताते हुए ठोस जनाधार दिया है। हमारी प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर के विकास की है। पीडीपी और जम्मू कश्मीर सरकार इसी विकास के मुद्दे को लेकर कार्य करती रहेगी। धारा 370 पर निर्णय का हक सिर्फ केन्द्र सरकार को ही है। अगर राज्य को इसमें आपत्ति है तो वह दर्ज करवाए। धारा 370 में संशोधन अथवा समाप्ति पर विचार सभी मुद्दों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। केन्द्र इस विषय पर गंभीर है और सिर्फ उसे ही इस पर निर्णय का अधिकार है।
घर वापसी का मुद्दा गर्माया हुआ है क्या इसके खिलाफ कोई उठाएंगें?
घर वापसी एक स्वैच्छिक कार्यक्रम है लेकिन मीडिया की वजह से यह ज्वलंत हो गया है। लेकिन हम किसी भी तरह के जबरन धर्मान्तरण का राष्ट्र में स्वीकार नहीं करेंगे। राष्ट्रीय एकता के लिए इस संबंध में जल्द कोई कानून बनाने पर विचार चल रहा है।
आईएसआईएस का खतरा देश पर मंडरा रहा है,क्या निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
आईएसआईएस एक अमानवीय संगठन है जो पूरे विश्व में अपने बर्बरता फैलाना चाहता है। सरकार आईएसआईएस से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। किसी भी सूरत में किसी तरह की इस आतंकी गतिविधि से जुड़ी कोई गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह संगठन सोश्यल मीडिया के जरिए अपनी गतिविधियों को फैला रहा है। ऐसे में सरकार के आईटी एक्सपर्ट ऐसे लोगों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।
आतंक के लिए मिल रही विदेशी मदद को कैसे रोकेंगे?
कई देशों से देश के कई खातों में रुप जमा हो रहे हैं। खुफिया विभाग ऐसे ही खाताधारकों की पहचान कर उन पर नजर रखे हुए हैं। अगर कोई संस्था विदेशी धन का उपयोग आतंकी गतिविधियों में अथवा राष्ट्रविरोधी बतिविधियों में खर्च करेगी तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाइ्र की जाएगी। देश में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जयपुर। भाजपा के प्रवक्ता राम माधव ने जम्मू कश्मीर में लागू धारा 370 के बारे में कहा कि केन्द्र इस पर निर्णय करेगा। साथ ही उन्होंने कहा देश में बढ़ते आतंकी खतरे को रोकने के लिए विदेशों से मिलने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगना बेहद जरूरी है। सरकार जल्द ही ऐसे खातों की पहचान करके इसे रोकने की कोशिश कर रही है। काउंटर टेररिज्म के दूसरे दिन कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आए राम माधव ने बातचीत के कुछ मुख्य अंश-
आतंक से लडऩे के लिए सरकार की क्या कार्ययोजना है?
आतंकवाद राष्ट्रीय अस्मिता के एक चुनौती है। इससे निपटने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। काउंटर टेररिज्म में 16 देशों के खुफिया विभाग के ऑफिसर भाग ले रहे हैं। हम इस चुनौती से निपटने के लिए इन देशों की मदद लेंगे।
जम्मू कश्मीर में धारा 370 के खात्मे कि दिशा में कोई ठोस कदम क्यो नहीं उठाया गया?
जम्मू कश्मीर की जनता ने भाजपा में अभूतपूर्व विश्वास जताते हुए ठोस जनाधार दिया है। हमारी प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर के विकास की है। पीडीपी और जम्मू कश्मीर सरकार इसी विकास के मुद्दे को लेकर कार्य करती रहेगी। धारा 370 पर निर्णय का हक सिर्फ केन्द्र सरकार को ही है। अगर राज्य को इसमें आपत्ति है तो वह दर्ज करवाए। धारा 370 में संशोधन अथवा समाप्ति पर विचार सभी मुद्दों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। केन्द्र इस विषय पर गंभीर है और सिर्फ उसे ही इस पर निर्णय का अधिकार है।
घर वापसी का मुद्दा गर्माया हुआ है क्या इसके खिलाफ कोई उठाएंगें?
घर वापसी एक स्वैच्छिक कार्यक्रम है लेकिन मीडिया की वजह से यह ज्वलंत हो गया है। लेकिन हम किसी भी तरह के जबरन धर्मान्तरण का राष्ट्र में स्वीकार नहीं करेंगे। राष्ट्रीय एकता के लिए इस संबंध में जल्द कोई कानून बनाने पर विचार चल रहा है।
आईएसआईएस का खतरा देश पर मंडरा रहा है,क्या निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
आईएसआईएस एक अमानवीय संगठन है जो पूरे विश्व में अपने बर्बरता फैलाना चाहता है। सरकार आईएसआईएस से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। किसी भी सूरत में किसी तरह की इस आतंकी गतिविधि से जुड़ी कोई गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह संगठन सोश्यल मीडिया के जरिए अपनी गतिविधियों को फैला रहा है। ऐसे में सरकार के आईटी एक्सपर्ट ऐसे लोगों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।
आतंक के लिए मिल रही विदेशी मदद को कैसे रोकेंगे?
कई देशों से देश के कई खातों में रुप जमा हो रहे हैं। खुफिया विभाग ऐसे ही खाताधारकों की पहचान कर उन पर नजर रखे हुए हैं। अगर कोई संस्था विदेशी धन का उपयोग आतंकी गतिविधियों में अथवा राष्ट्रविरोधी बतिविधियों में खर्च करेगी तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाइ्र की जाएगी। देश में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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