जयपुर। हसनपुरा में गुरुवार को एक बार फिर माहौल गर्मा गया, बच्चों के बीच हुई मामूली कहासुनी के बाद एक बार फिर दोनों समुदाय आमने-सामने हो गए। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पथराव कर कुछ वाहनों के शीशे फोड़ दिए और देखते ही देखते स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई।
पांच दिन में एक ही जगह एक ही कारण से हुई साम्प्रदायिक तनाव की घटना में स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों के सतर्कता के दावों की पोल खोल दी है। अतिरिक्त पुलिस जाब्ता पिछली घटना के बाद से ही तैनात रहने के बाद भी फिर से बच्चों के क्रिकेट खेलते समय हुए मामूली विवाद को तूल देने वाले शरारती तत्वों की पहचान कर अब तक उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होने को घटना की असली वजह माना जा रहा है।
रविवार को उपजे साम्प्रादायिक उन्माद के बाद गुरुवार देर शाम अतिरिक्त पुलिस जाब्ते के सामने ही राजीव गांधी पार्क में दो बच्चों में मारपीट के बाद आमने-सामने हो गए। मारपीट की सूचना मिलते ही दोनों समुदायों के लोग फिर से आमने सामने हो गए। उपद्रवियों के बढ़ते हुजूम की वजह से इलाके में भारी तनाव फैल गया। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंच गए और दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत किया। लगातार हो रही घटनाओं के बाद से इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है और वे समाजकंटकों के खिलाफ पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई में फिसड्डी साबित
साम्प्रदायिक उन्माद फलाने वाले समाजकंटकों के खिलाफ अतिसंवेदनशील इलाकों में पुलिस किस तरह की कार्रवाई करती है यह रविवार को सदर थाना इलाके के हसनपुरा में हुई घटना से समझा जा सकता है। पुलिस ने घटना की रात जबर्दस्त पथराव कर कई लोगों को घायल क र बड़ी संख्या में वाहनों को क्षतिग्रस्त करने की घटना के संबंध में दर्ज हुए मुकदमे में नामजद हुए किसी भी आरोपी को अब तक गिरफ्तार नहीं किया। संभवत: पुलिस की इसी ढिलाई के चलते इलाके का अमन-चैन बिगाडऩे वाले शरारती तत्व बेखौफ बने हुए हैं और उन्हें वारदात दर वारदात करने से भी कोई झिझक या भय नहीं है!
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