Saturday, 14 February 2015

एक स्कूली छात्रा के साथ गेंग-रेप

gangrape के लिए चित्र परिणाम

15 February 2015
प्रतापगढ़। जिले में आबादी से लगे एक सुनसान इलाके में बड़ी बेरहमी से शहर की एक स्कूली छात्रा के साथ गेंग-रेप हुआ है। दोस्तों के साथ घूमने गई यह छात्रा चिल्लाती रही, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं पंहुचा। दो अज्ञात बदमाशों ने पहले तो छात्रा  और उसके मित्रों के साथ मारपीट की उसके बाद  उसके  साथ बलात्कार किया और उसे लहूलुहान हालत में छोड़ कर फरार हो गए।
 लड़की बदहवास हालत में सर्किट हाउस के सामने बस्ती में पहुची और मदद के लिए चिल्लाने लगी। कुछ लोगो ने लड़की की चीख सुनी और पुलिस को सुचना दी। पुलिस ने लड़की को घर पहुंचाया और पूछताछ के बाद सारी घटना बेपर्दा होती चली गई।

शहर के बाहर घूमने निकली थी छात्राएं
गौरतलब है कि जिस जगह यह रेप हुआ है, वह जगह बांसवाडा रोड पर सर्किट हाउस के सामने स्थित है। पुलिस कंट्रोल रूम पर रात को सुचना मिली कि एक लड़की बदहवास हालत में सर्किट हाउस के पास आकर मदद मांग रही है। सूचना पर पुलिस पहुंची तो वहां पर दो छात्राएं बदहवास हालत में मिली दोनों से पूछताछ की तो दोनों के बयान विरोधाभासी थे इस पर उनके परिजनों को सूचना दी गई और उनके साथ दोनों को जिला चिकित्सालय भिजवाया गया। पूछताछ में मालूम चला कि  दोनों लड़कियां ट्यूशन के बाद अपने दो छात्रों के साथ घूमने के लिए शहर के बाहर आ गई थी।  घुमते फिरते बांसवाडा रोड के एक निर्जन स्थान पर चारों बैठकर बातें करने लगे तभी दो अनजान युवक  वहां आ पहुंचे और  चारों के साथ मारपीट शुरू दी । इस पर  दो छात्र और एक छात्रा तो वहां से भाग निकले, लेकिन एक छात्रा उनके चंगुल में फंस गई और दोनों बदमाशों ने अकेली छात्रा के साथ गेंग रेप किया। बलात्कार करने के बाद यह दोनों बदमाश लड़के वहां से भाग निकले और लड़की बुरी-जख्मी हालत में सर्किट हाउस के सामने बस्ती में जा पहुंची। वहां जाकर उसने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। तभी कुछ लोगो ने उस लड़की की चीख सूनी और पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया। पुलिस तत्काल वहां पहुंची। पुलिस ने लड़की को परिजनों के सुपुर्द किया।

बदनामी के कारण पीडि़ता ने नहीं दिया बयान
मौके पर पहुंची पुलिस ने पीडि़त छात्रा से पूछताछ की तो उसने  उसकी दोस्त का उसके साथ जाना बताया। फिर दूसरी छात्रा से पूछताछ की गई तो दोनों लड़कियां गलत बयान देने लगी। वह अपने दोनों दोस्तों का नाम भी छुपा रही थी। बदनामी के डर से वह किसी भी सच्चाई का जिक्र नहीं करना चाहती थी। लेकिन पुलिस पीडि़ता की बुरी हालत देख कर समझ गई थी, कि इसके साथ कुछ गलत हुआ है। पुलिस लगातार पूछती रही। फिर पीडि़ता ने और उसकी दोस्त ने सारी घटना सामने लाकर रख दी। बदनामी के डर से पहले तो लड़की के परिजनों ने कोई भी मुकद्दमा दर्ज कराने से साफ़ तौर पर मना कर दिया। लेकिन पुलिस की लगातार समझाइश के बाद जैसे-तैसे पीडि़ता के परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए राजी हुए। पीडि़ता को जिला चिकित्सालय लाया गया और उनका मेडिकल करवाया।

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