Tuesday, 17 February 2015

वो फेल हुई तो उठाया खैफनाक कदम...

इजीनियंरिंग छात्रा ने तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की
जयपुर नेशनल युनिवर्सिटी की घटना
18 February 2015
जयपुर। राजधानी में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी में इंजीनियंरिंग फस्र्ट ईयर की छात्रा ने फेल जाने के बाद तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। युनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार शाम को फस्र्ट ईयर की परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया था। परीक्षा में सेमेस्टर एक्जाम सारे सब्जेक्ट में फेल हो जाने की वजह से  अवसाद में आई छात्रा ने कॉलेज हॉस्टल की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी।


 बीती रात को हुए इस घटनाक्रम के पीछे छात्रा की आत्महत्या के बाद समूचे कैम्पस में सनसनी फैल गई। छात्रा के नीचे कूदने की सूचना मिलने पर कॉलेज प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए और छात्रा को एपेक्स हॉस्पिटल में ले गए जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मलिने पर पहुंची पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्ट म करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस थानाप्रभारी हरजीलाल ने बताया कि मृतक छात्रा सुप्रिया भारद्वाज(18 ) पुत्री लक्ष्मीकांत भारद्वाज थी। वह औरंगाबाद बिहार की रहने वाली थी। सुप्रिया जेएनयू में बीटेक कम्प्यूटर साइंस प्रथम वर्ष की छात्रा थी। सोमवार शाम को ही छात्रा का फस्र्ट सेमेस्टर का रिजल्ट आया था और रिजल्ट में सुप्रिया 6  सब्जेक्ट में फेल हो गई थी। फेल होने के बाद से अवसाद में आई युवती बीएड हॉस्टल की तीसरे माले पर गई और वहां से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
सुप्रिया के नीचे गिरने की अवाज से वहां पर हॉस्टल वार्डन और स्टाफ  पहुंच गया। जिन्होंने छात्रा को पास के ही अपेक्स अस्पताल में भर्ती करवाया जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

साथी छात्राओं को लग गई थी अनहोनी की भनक
जेएनयू का रिजल्ट आने के बाद फेल घोषित हुई सुप्रिया काफी रोने लगी थी इस पर साथी छात्राओं ने उसे ढांढस बंधाया। साथी छात्राओं ने कहा कि अगली बार अच्छी परफोरमेंस करना। लेकिन रिजल्ट में फेल
होने से दुखी सुप्रिया देर रात बीएड हॉस्टल की तीसरी मंजिल पर गई और छलांग लगा दी।

यूनिवर्सिटी प्रशासन मौन 
घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन इस वाकिए के बाद पूरी तरह मामले में चुप्पी साधे हुए है। पहले भी शहरभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस तरह के घटनाक्रम सामने आ चुके हैं। जेएनयू की छात्रो का आरोप है कि क्लास में उपस्थिति के चलते पेपरों में बैक होना पड़ता है और इस वजह से स्टूडेंट्स परीक्षा में बैठ नहीं पाते और परिवार के दबाव और प्रशासन के इस रवैये के चलते इस तरह का कदम उठाने को मजबूर हो जाते हंै।

वर्जन
मामले की जानकारी में जुटे हुए हैं। पड़ताल के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
हरलीलाल,थानाप्रभारी,खोनागोरियान



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