जमाओं पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर रकम ठगी
14 February 2015
अजमेर। कोतवाली थाना पुलिस ने ठगी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए भविष्य क्रेडिट कॉ ऑपरेटिव सोसाइटी के एमडी दामोदर नागदा, सचिव अरविन्द मेहता और कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा को गिरफ्तार किया है।
तीनों आरोपियों पर अजमेर में सोसाइटी के नाम पर 2 करोड़ की ठगी करने और अपने 32 कर्मचारियों को छह माह के वेतन के 14 लाख नहीं चुकाने का आरोप है। पुलिस की माने तीनो आरोपियों के खिलाफ राजस्थान में करीब 28 थानों में मामले दर्ज हैं।
इंवेस्टमेंट के नाम पर लोगों से लेते थे फंड
राजस्थान में हजारों लोगों से करोड़ों रूपए सोसाइटी के नाम पर ठगने की शुरुआत उदयपुर से हुई। उदयपुर की भविष्य क्रेडिट कॉ ऑपरेटिव सोसाइटी ने लोगों को निवेश करने पर अच्छा लाभ देने का सपना दिखाया था। सोसाइटी ने राजस्थान के कई जिलों में अपने दफ्तर खोले और लोगों से करोड़ों रुपए सोसाइटी में निवेश करवाए। जमाकर्ताओं की गाढ़ी कमाई का पैसा अपने पास आते ही पदाधिकारियों ने सोसाइटी बंद कर दी और सब भाग गए। अजमेर जिले में भी सोसाइटी ने कई जगह अपनी ब्रांच खोली। यहां सोसाइटी ने निवेशकों को करीब 2 करोड़ रूपए का चूना लगाया। साथ ही विभिन्न ब्रांचों में कार्यरत 32 कर्मचारियों को 6 महीने का करीब 14 लाख रुपए वेतन भी नहीं दिया। सोसाइटी के अजमेर ब्रांच हैड अन्दरकोट निवासी हामिद अनवर ने सोसायटी के पदाधिकारियो के खिलाफ अप्रेल 2014 में इस्तगासा पेश किया। कोर्ट के मुकदमा दर्ज करने के आदेश के बाद भी कोतवाली पुलिस मामले में जांच का हवाला देकर समय गुजारती रही। आखिरकार उच्च अधिकारियो के निर्देश के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की जहमत उठाई।
तीन गिरफ्तार चार की अब भी तलाश
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब कोतवाली थाना पुलिस को सोसाइटी के चार पदाधिकारियों की तलाश है। इनमें सोसाइटी के उपाध्यक्ष संजय शुक्ला, सह उपाध्यक्ष रोहिताश नागदा, अजमेर रीजन जोनल मैनेजर, ब्यावर निवासी अश्वनी पारीक और मैनेजर जोधपुर अमित शर्मा शामिल है। पुलिस की मानें तो सोसाइटी ने अजमेर से सवा करोड़ रुपए, किशनगढ़ से 35 लाख, नसीराबाद से 12 लाख, विजयनगर से 9 लाख और दूदू से 3 लाख रुपए निवेशकों से सोसाइटी में निवेश करवाए थे।
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