Friday, 13 February 2015

गृहमंत्री ने की एफएसएल की समीक्षा


gulab chand katariya के लिए चित्र परिणाम
लंबित प्रकरणों को समयबद्ध पूरा करे: कटारिया
14 February 2015
जयपुर। राजस्थान पुलिस की राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला(एफसएल) की समीक्षा बैठक  शुक्रवार को गृहमंत्री गुलाब चन्द कटारिया की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित की गई। जिसमें गृहमंत्री कटारिया ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और एफएसएल अधिकारियों को एफएसएल के लिए सलाहकार कमेटी गठित करने और आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।
उन्होंने एफएसएल की प्रयोगशालाओं में तकनीकी विशेषज्ञ और रिक्त स्थानों के लिए एफएसएल की विभिन्न प्रयोगशालाओं तथा जयपुर में तैयार हो रहे ट्रेनिंग सेन्टर में विभन्न विषयों के तकनीकी विशेषज्ञ जो सेवानिवृत्त हुए। तैनात करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही गृहमंत्री ने कहा कि राज्य से बाहर के व्यक्तियों के लिए विशेष छूट की आवश्यकता हो तो उसे भी अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रेषित करें ताकि राज्य सरकार को निवेदन किया जा सकें। उन्होंने कहा कि मोबाइल यूनिटों में रिक्त पदों को भरने हेतु होमगार्ड के कर्मियों की सेवा ली जा सकती है।

इस अवसर पर गृहमंत्री ने एफएसएल के निदेशक डॉ. हेमन्त पुरोहित को एफएसएल के पैंडिंग मामलों में कमी लाने के लिए उपलब्ध मानव संसाधन एवं टेक्नीकल सुविधाओं को सुनियोजित करके और रिक्तियों की भर्ती की कार्यवाही पूर्ण करवाने को प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया। पुरोहित ने बताया कि भरतपुर में एफएसएल का रीजनल भवन जनवरी 15 से किराए से लेकर कार्य शुरू किया गया। निदेशक एफएसएल ने अब तक की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पंैडिंग प्रकरणों में 2014 में काफी कमी आई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उदयपुर एवं जोधपुर जिले में जैविक, अजमेर में रसायन एवं सीरम, भरतपुर में भौतिक व जयपुर में डीएनए पांच नए डिविजन की प्रशासनिक एवं  वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। जिसमें 30 वैज्ञानिक एवं अन्य सहायकों के नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई हैं।  जयपुर में प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण कार्य प्रगति पर चल रहा है।  उन्होंने बताया कि एफएसएल के आधुनिकीरण के लिए दो करोड़ रुपए के वैज्ञानिक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। साथ ही पोलीग्राफ  के उपकरण भी लिए जा रहे है।

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