जयपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग, मेगा हाइवे, स्टेट हाइवे सहित ग्रामीण मार्गो पर चारा लदे ओवरलोड वाहनों से यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है। इनसे दुर्घटनाओं के बावजूद इनकी रोकथाम को लेकर प्रशासन व पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं हो रही है।
इन मार्गो से हर दिन सुबह से देर रात तक बड़ी संख्या में चारे से ओवरलोड हुए वाहन गुजरते हैं। ट्रक, ट्रेक्टर, पिकअप, जीप आदि में कारोबारी ठसाठूंस चारा परिवहन करते हैं। जिससे दुर्घटना होने की आशंका रहती है।
चारे से ओवरलोड वाहन जब सड़कों से गुजरते हैं तो इनके आगे व पीछे चलने वाले अन्य वाहन चालकों को कुछ भी नजर नहीं आता। अन्य वाहन चालकों के सावधानी बरतते हुए इन ओवरलोड वाहनों के पास से गुजरने के बावजूद दुर्घटनाएं होती हैं क्योकि वाहन चालकों को आगे व पीछे से आने वाले वाहनों के बारे में कोई भी जानकारी नहीं हो पाती है।
आगजनी की आशंका
चारे से ओवरलोड भरे ये वाहन शहर, कस्बों व गांवों के मार्गो से होकर गुजरते हैं तो मार्गो के ऊपर से होकर गुजरने वाली विद्युत लाइनों के छूने से हरदम दुर्घटना की आशंका रहती है। कई दुर्घटनाएं भी घटित हो चुकी हैं, लेकिन किसी भी कार्रवाई तक नहीं की जा रही है।
नियम के विरुद्ध
राजमार्गो से गुजरने वाले ओवरलोड ट्रक, ट्रेक्टर, पिकअप, जीप आदि नियम का उंल्लघन करते हुए क्षमता से अधिक सामान भरकर रखते है। जिससे ज्यादातर वाहन अंसतुलित होने का खतरा बना रहता है। नियम की धज्जियां उड़ाकर यह चालक मनमानी से वाहन चलाते है लेकिन पुलिस की ओर से इन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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