6 लाख की फिरौती के लिए घर के बाहर से अपहरण
एटीएस, एसटीएफ और राजस्थान और उत्तरप्रदेश पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
24 घंटे में ही खोज निकाला
3 February 2015
जयपुर। 6 लाख रुपए की फिरौती के लिए घर के बाहर खेल रहे बच्चे का अपहरण के मामले में एटीएस, एसटीएफ और राजस्थान और उत्तरप्रदेश पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बालक को हाथरस उत्तरप्रदेश से मुक्त करवा लिया।
शनिवार को भिवाड़ी के हाउसिंग बोर्ड से कैलाश चंद दुसाद के तीन वर्षीय बेटे नक्श का अज्ञात बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। पुलिस ने मामले में तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर नक्श को सकुशल मुक्त करवा लिया। वारदात में सहयोग करने वाले एक स्कूल चौकीदार को भी पुलिस ने गिरफतार कर लिया
गौरतलब है कि बालक अपने बड़े भाई के साथ घर से बाहर खेल रहा था, जो थोड़ी देर बाद अचानक गायब हो गया। घर वालों ने काफ ी देर तक आस-पास के इलाकों में उसकी तलाश की लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। देर रात परिजनों ने थाना यूआईटी भिवाड़ी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
रविवार दोपहर बच्चे के पिता के मोबाइल पर अपहरणकत्र्ताओं ने फ ोन किया और नक्श की सकुशल छोडऩे की एवज में 6 लाख रुपए की फि रौती की मांग की । अपहरणकत्र्ताओं ने फ ोन पर नक्श के पिता से अपहृत नक्श बात भी कराई। पुलिस को सूचना मिलते ही अपहरणकत्र्ताओं के बारे में जानकारी जुटाना प्रारम्भ कर आतंक विरोधी संगठन/एटीएस, राजस्थान एवं स्पेशल टास्क फ ोर्स, उत्तरप्रदेश पुलिस की मदद ली गई। पड़ताल में सामने आया कि अपहृत बालक को अपहरणकत्र्ताओं ने बुलन्द शहर, उत्तरप्रदेश में रखा हुआ था, जहां से बाद में नक्श को जिला हाथरस, उत्तरप्रदेश ले गए जहां से बच्चे को बरामद कर लिया।
स्कूल में रखा था बच्चे को
सोमवार सवेरे जिला पुलिस अलवर टीम ने स्पेशल टास्क फ ोर्स उत्तरप्रदेश की टीम के सहयोग से अपहृत बालक को अपहरणकत्र्ताओं के चुंगल से सकुशल मुक्त करवा लिया एवं दो अपहरणकत्र्ताओं को भी दबोचलिया। बालक को अपहरणकत्र्ताओं ने हाथरस जिले के सिकन्दराराव कस्बे में सरस्वती विद्या मंदिर नामक एक स्कूल में रखा हुआ था। इस दुस्साहसिक घटना में स्कूल के चौकीदार ने अपहरणकत्र्ताओं का सहयोग किया,उसे भी पुलिस टीम ने पकड़ लिया। चौकीदार अपने परिवार सहित इसी स्कूल में रहता है।
ऐसे रची साजिश
पुलिस के अनुसार अपहरणकत्र्ता जनवरी में भिवाड़ी में ही एक कम्पनी में मजदूरी करते थे, जहां पर इनका सम्पर्क उत्तरप्रदेश के हाथरस के रहने वाले अजीत उर्फ पुष्पेन्द्र से हुआ। इनके काम से नाखुश होकर इन्हें फैक्ट्री से निकाल दिया गया व इसके बाद यह दोनो अजीत उर्फ पुष्पेन्द्र से अन्य रोजगार के लिए हेतु निरन्तर सम्पर्क में रहे। अजीत उर्फ पुष्पेन्द्र बालक के पिता के पड़ोस में रहता है। अजीत ने उक्त दोनों अपहरणकत्र्ताओं के साथ मिलकर बालक के अपहरण का षडय़ंत्र रचा। तय साजिश के अनुसार उसने स्वयं ही बालक को अगवा कर दोनों अपहरणकत्र्ताओं को हाथरस से बुलाकर सुपुर्द कर दिया। अजीत उर्फ पुष्पेन्द्र मूलत: अलीगढ़, उत्तरप्रदेश का रहने वाला हैं एवं भिवाड़ी में अपने परिवार सहित रहकर एक फैक्ट्री में काम करता है। सोमवार सुबह अजीत उर्फ पुष्पेन्द्र भी अपहरणकत्र्ताओं से मिलने के लिये हाथरस के लिए निकल चुका था। पुलिस द्वारा अपहरणकर्ताओं को पकडऩे के बाद अजीत को यह पता नहीं चलने दिया कि दोनों अपहरणकत्र्ता पकडे जा चुके हैं एवं बालक भी बरामद हो चुका है। पुलिस ने अजीत उर्फ पुष्पेन्द्र को पकडने के लिये जाल बुना व उसे जाल में फंसाकर पलवल, हरियाणा में पकड़ लिया।
यह हुए गिरफ्तार
अजीत उर्फ पुष्पेन्द्र पुत्र रामगोपाल निवासी नागला सुन्दर थाना सिकन्दराराव, जिला हाथरस, उत्तरप्रदेश हाल सेक्टर 4, भिवाड़ी, रविन्द्र सिंह पुत्र दिलीप और अजय प्रताप सिंह पुत्र रघुराज सिंह दोनों निवासी कलां, थाना सिकन्दराराव, जिला हाथरस, उत्तरप्रदेश। इसके अलावा सहयोग करने वाले चौकीदार , सूर्य प्रकाश पुत्र दुर्जन सिंह, निवासी सरस्वती विद्या मंदिर, सिकन्दराराव, जिला हाथरस, उत्तरप्रदेश को गिरफ्तर किया है।
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