Saturday, 17 January 2015

जल्द हो सकती है पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक छुट्टी की घोषणा

जल्द हो सकती है पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक छुट्टी की घोषणा
$स्वीकृति के लिए गृह विभाग को भेजा प्रस्ताव
Chandra Shekhar Sahu
जयपुर। पुलिस के लिए दिए जाने वाला सप्ताहिक अवकाश की घोषणा अगले माह हो सकती है। पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग के पास प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है जिसे स्वीकृति मिलना लगभग तय है। इस साप्ताहिक छुटटी के लिए पूरे पुलिस मुख्यालय के अधिकारी लगे हुए है। देश का दूसरा राज्य बन जाएगा राजस्थान जिसमें पुलिस थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश की घोषणा होने जा रही है।
 पुलिस मुख्यालय के अनुसार तत्कालीन पुलिस महानिदेशक हरीशचन्द्र मीणा ने थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को खासतौर पर कांस्टेबल से लेकर पुलिस उपनिरिक्षक को छह-छह माह लगातार
फ ील्ड काम करते और काम के बोझ के कारण उनकी भाषा से लेकर उनका आमजन के प्रति व्यवहार रुखा होने की लगातार शिकायतें आ रही है। इसके अलावा लगातार काम करते रहने से उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए 2012 अक्टूबर में पुलिस मुख्यालय ने एक प्रस्ताव तैयार किया जिसके तहत राज्य के थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन का आराम दिया जाए। गृह विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूर नही किया। दुबारा दिसम्बर 2014 में वर्तमान पुलिस महानिदेशक ओमेन्द्र भारद्वाज ने गृह विभाग के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा जिसे गृह विभाग ने मंजूर कर लिया और फरवरी माह से राज्य के थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को सप्ताहिक अवकाश दिया जा सकता है। इसको लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली है। पुलिस विभाग काफी समय से सताहिक अवकाश की मांग कर रही था। नए प्रस्ताव के बाद जल्द ही पुलिसकमियों को लगातार काम के बोझ से छुटकारा मिल सकेगा।

निभा सकेंगे सामाजिक दायित्व
पुलिसकर्मियों को छुट्टियां नहीं मिलने से पुलिसकर्मी सामाजिक दायित्वों का निर्वाह पूरी तरह नहीं कर पा रहे हैं। यहां तक की अपने छुट्टी नहीं मिल पाने की वजह से परिवारिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। इस वजह से पुलिसकर्मियों को अपने ही पकरजनों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इन सबका असर पुलिस की कार्यशैली पर पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक छुट्टी मिलने के बाद काफी हद तक उन्हें काम के बोझ से राहत मिलेंगी और सामाजिक एवं पारिवारीक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।

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