Saturday, 24 January 2015

एक महिने बाद भी पुलिस पेशोपेश में

हत्या या आत्महत्या?
25 January 2015
अजमेर। शराब कारोबारी सलीम खंडेला की हत्या हुई या आत्महत्या एक माह का समय गुजर जाने के बाद भी पुलिस निर्णय नही कर पाई जिससे मामला फंसता ही जा रहा है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम होने के बाद संदिग्ध रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने एफएसएल भेजा है। पुलिस की जंाच एक कदम भी आगे नही बढ़ पाई है या आत्महत्या पुलिस दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। परिजनों के बयान के आधार पर संदिग्ध लोगों को पुलिस ने जांच के घेरे में लिया है।




 यह है मामला
मामला एक नजर फायसागर रोड चामुंडा कालोनी निवासी सलीम खंडेला 22 दिसंबर से घर से लापता था। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद 24 दिसंबर को दोपहर एसपी महेन्द्र सिंह चौधरी को शिकायत पत्र दिया। इसमें आरोप लगाया गया था कि खंडेला का अपहरण किया गया है। इसके बाद एसपी ने जांच के लिए टीम गठित की और उधर शाम को ही खंडेला का शव कायड़ विश्राम स्थली के समीप  जली हुई हालत में टुकड़े.टुकड़े मिलने से सनसनी फैल गई। घटना स्थल पर पांच लीटर की केरोसिन का केन एक पर्स चश्मा  जला हुआ जूता और एक बाइक मिली थी। पर्स में मिले पहचान पत्र से शव की शिनाख्त हुई।


हत्या से इनकार नहीं तहकीकात जारी - एसपी
पुलिस मामले को प्रथमदृष्टया  पूरा मामला संदिग्ध मान रही है सलीम की हत्या होने से भी इनकार नहीं कर रही है। एसपी महेन्द्र सिंह चौधरी के अनुसार मामले में हत्या या आत्महत्या दोनों पहलुओं पर तहकीकात की जा रही है। सलीम शराब और प्रॉपर्टी का काम करता था। परिवार और व्यवसाय से वह संपन्न है। लिहाजा परिजनों के मुताबिक उसके आत्महत्या करने की भी कोई ठोस वजह नहीं है। परिजनों ने कुछ लोगों पर शक जताया है जिनके साथ सलीम पैसों को लेकर लेन देन करता था। इस दौरान सलीम की पुष्कर में मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों और अजमेर में कुछ सटोरियों से भी दोस्ती हो गई थी। ऐसे में किससे उसकी क्या दुश्मनी थी। पुलिस इस पक्ष पर भी तफ्तीश कर रही है।  पुलिस के अनुसार मृतक के परिजन से हुई अब तक की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतक खंडेला का पिछले छह माह से मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ था। परिजन उसे अकेला घर से निकलने नहीं देते थे। परिवार का कोई न कोई सदस्य उसके साथ जरूर जाता था।लेकिन पिछले डेढ़ माह से सलीम की मानसिक हालत में सुधार था।

फायसागर रोड चामुंडा कालोनी निवासी सलीम खंडेला ने अगर आत्मदाह किया है तो जलने के बाद वह छटपटाया क्यों नहीं घटनास्थल पर जमीन पर दो से ढाई फीट के दायरे में एक ही जगह पर जलने के निशान मिले। आग से घिरा कोई भी व्यक्ति एक ही जगह किसी भी स्थिति में बैठ नहीं सकता। क्या सलीम खंडेला की हत्या कर या बेसुध कर उसे जलाया गया है। घटनास्थल पर जली हुई जमीन से ऐसा संदेह है कि जैसे किसी ने बेसुध शव को एक जगह रखकर केरोसिन डालकर आग लगाई हो। क्या जलने के बाद मृतक के शरीर के टुकड़े होना संभव है। इस बारे में पुलिस का तर्क है कि खंडेला 22 दिसंबर शाम से घर से गायब थाए जबकि उसका शव 24 दिसंबर शाम को मिला। इस दौरान शव को कुत्ते या अन्य जानवरों ने नोंच लिया। इस बारे में तथ्य यह भी है कि शव के टुकड़े नोंची गई स्थिति में नहीं मिले। क्या आत्महत्या करने वाला व्यक्ति घर से पांच किलोमीटर दूर तक अपनी मौत का सामान यानी केरोसिन की पीपी ले जा सकता है। सुसाइड के बारे में माना जाता है कि यह एक क्षणिक आवेश का नतीजा होता है। व्यक्ति का जरा भी ध्यान भटकने पर वह मौत को गले लगाने का साहस खो देता है। सवाल यह है कि खंडेला घर से दूर कायड़ विश्राम स्थली के निकट बाइक पर अकेले केरोसिन की पीपी लाद कर कैसे जा सकता है। घटनास्थल पर पुलिस को अधजली सिगरेट भी मिली है। खंडेला के परिजनों का कहना है कि पुष्कर के एक युवक ने खंडेला को नशे का आदी बना दिया था। खंडेला प्रापर्टी का भी कारोबारी था शक है कि प्रापर्टी सौदे को लेकर रंजिश में खंडेला की हत्या की गई है।


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