Friday, 23 January 2015

बस्सी में दबंगों की दुस्साहसिक करतूत



छात्रा से छेड़छाड़-बदसलूकी 
विरोध किया तो किया अधमरा
खुलेआम घूम रहे आरोपियों की ऐलानिया धमकी से परिवार भयभीत
24 January 2015
जयपुर। बस्सी थाना इलाके में मनचलों की फब्तियों से परेशान होकर 10 वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने एक दर्जन गुण्डों से लोहा लेते हुए छेड़छाड़ का पुरजोर विरोध किया। लेकिन संख्या बल में ज्यादा होने की वजह से वह दबंगों से मुकाबला नहीं कर पाई। एक दरिंदे ने नाबालिग बालिका के साथ और बचाने आए माता-पिता के साथ भी मारपीट करने लगे।


हैवान बने इस दरिंदे ने मर्यादाओं की सीमाओं को लांघते हुए बालिका के पेट पर लात से जमकर प्रहार किए। बालिका की चीख सुनकर दौडक़र आए पड़ोसियों ने एक आरोपी युवक को पकड़ लिया जबकि उसके अन्य साथी वहां से फरार हो गए। मामले में पुलिस को फोन करने के बावजूद आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को पकडक़र थाने में बंद कर दिया। वहीं मनचले के हमले में घायल बालिका को परिजनों ने एसएमएस अस्पताल में  भर्ती करवाया जहां पर उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। गुरुवार शाम हुई इस घटना के आरोपी को पुलिस ने अदालत में पेश किया जहां से उसे 10 हजार रुपए के मुचलके पर रिहा कर दिया। साथ ही कोर्ट ने उस पर मारपीट और छेड़छाड़ का मुकदमा चलाने के आदेश दिए।
पुलिस के अनुसार गुरुवार शाम को 15 वर्षीय छात्रा अपनी छोटी बहिन के साथ घर के बाहर खड़ी हुई थी। तभी वहां पर हेमराज मीणा(25) निवासी कोठी की ढाणी थाना बस्सी अपने 8-10 साथी लडक़ों के साथ वहां पर पहुंचा और अश्लील हरकतें करने लगा। कुछ देर तो वह खामोश रही इस बीच दुस्साहसी दबंगों ने  फब्तियां कसना शुरू कर दिया। विरोध करने पर दरिंदों ने उसके साथ छेड़छाड़ और गाली गलौच करना शुरु कर दिया। इससे परेशान होकर पीडि़ता ने शोर मचाना शुरू कर दिया तो इससे आगबबूला हेमराज ने उसके साथ मारपीट की। मां-बाप बचाने आए तो उनके साथ भी अभद्रता की। हेमराज ने छात्रा के पेट पर लात से जोरदार प्रहार किए जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ को देखकर हेमराज के साथी मौके से भाग गए लेकिन भीड़ ने हेमराज को दबोच लिया। काफी देर बाद पहुंची पुलिस हेमराज को पकडक़र थाने ले आई। वहीं आरोपी के हमले में घायल हुई छात्रा को परिजनों ने स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया जहां से उसकी तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसे एसएमएस में रैफर कर दिया। पुलिस अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है। पीडि़ता के माता-पिता मजदूरी करते हैं।

पुलिस बनी गंूगी बहरी
बस्सी की गंगाधाम कॉलोनी में पिछले वर्ष 31 दिसम्बर की रात को आरोपियों ने मोहल्ले के एक घर में महिला के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़ और मारपीट की थी। लेकिन पुलिस ने सिर्फ अपनी मौके पर हाजिरी लगाकर मामले को रफा-दफा कर दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रोजाना भारी संख्या में सडक़ों पर मनचलों का जमावड़ा बना रहता है। ये मनचले रास्ते में गुजरने वाली महिलाओं और युवतियों को गंदी नजरों से देखते हैं और फब्तियां कसते हैं। जिससे महिलाओं और युवतियों का घर से बाहर निकलना दुश्वार हो चुका था। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने की स्थानीय लोगों ने रोकने की मांग पुलिस से की है। पुलिस आसपास मौजूद इन दबंगों को गिरफ्तार नहीं कर रही है जिसके बाद से ही मोहल्ले में महिलाओं और युवतियों में दहशत व्याप्त है।  

पीडि़त परिवार को मिल रही धमकियां
पुलिस की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मामले में एक ही मनचले को वह पकड़ पाई। जबकि मामले में फरार अन्य आरोपियों को
पुलिस घटना के 36 घंटे गुजर जाने के बावजूद नामजद नहीं कर पाई। बस्सी पुलिस जांच अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है जबकि आरोपी दरिंदे खुलेआम घूम रहे हैं। वहीं आरोपी हेमराज के परिजन पीडि़त परिवार को राजीनामा करने का दबाव डाल रहे हैं और ऐसा  नहीं करने पर बुरा अंजाम होने की धमकी दे रहे हैं। वहीं खुलेआम घूम रहे आरोपियों ने पीडि़ता के परिवार को घर से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी दी है। जिसके बाद से ही परिवार घर में दुबक कर बैठा हुआ है।  

0 comments:

Post a Comment

 
 
Blogger Templates