शीर्षक - ''तलवा चाट" व्यंग्यकार- चन्द्रशेखर साहू
दंगाई प्रदेश उर्फ़ यूपी के मुज़फ्फरनगर शहर की पहचान अब पूरे भारत में है | हाल ही में इस शहर में हुए दंगों में दो तीन दर्जन लोगो को दंगाइयों ने गाज़र मूली कि तरह काटा था | वोटो के भूखे नेता इस अवसर पर राजनीतिक रोटियां सेके बगैर कैसे रह पाते ? राजनीतिक रोटियां सेकने के मकसद से मुलायम ,राजनाथ ,राहुल ,लालू जैसे तमाम मोटे नेता मुज़फ्फरनगर में दिखाई देने लगे | इन सभी को देखकर लगा कि जैसे मुज़फ्फरनगर नेताओं का कुम्भ हो गया है |
अभी जेल से बाहर आये लालू प्रसाद यादव ने हाल में मुज़फ्फरनगर दौरा किया और सपा सरकार को खरी खोटी सुनाई | अब पलटवार की बारी मुलायम की थी, मुलायम ने लालू को कोंग्रेस का एजेंट , चापलूस तक कह दिया | और तो और कोंग्रेस का तलवा चाटने वाला नेता कह दिया |मुलायम यादव ने शत प्रतिशत सही कहा | अगर आज लालू कोंग्रेस के तलवे चाट रहे हैं तो इसने कोई नयी बात नहीं | कोंग्रेस का तलवा चाट कर ही तो वो रेल मंत्री बने थे | और तो और एक शख्स भारत कि राष्ट्रपति भी बन चुकी (?) है ,तलवा चाटकर | हालाकि खुद मुलायम कोंग्रेस के वर्षो से तलवे चाट रहे हैं |
आज देश में मोदी लहर है या नहीं इसका तो पता नहीं पर तलवा चाट लहर जरुर है | लोग अफसरो के तलवे चाट रहे है , अफसर नेताओ के तलवे चाट रहे है | नेता लोकसभा चुनाव टिकट के लिए आलाकमान के तलवे चाट रहे है | अंध श्रद्धालू ढोंगी बाबाओ के तलवे चाट रहे हैं ,जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता पाकिस्तानी हुकूमत के तलवे चाट रहे हैं | लगता है तलवा चाट हमारी संस्कृति का हिस्सा बन चुका है | आखिर तलवा चाट ही प्रगति का हेतु है, माध्यम है |
न तो किसी अफसर के,न ही किसी नेता के तलवे चाटती यह कलम लिखना जारी रखेगी ......

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