Thursday, 2 January 2014

"आस्तीन का सांप"


                                               


"आस्तीन  का सांप" एक ऐसी भयंकर विषैली प्रजाति है , जो सांपो से भी ज्यादा ज़हरीली है | पर ये प्रजाति सांपो कि नहीं बल्कि इंसानो की है | वैसे आस्तीन  का सांप ,कोबरा या अनाकोंडा से भी ज्यादा ज़हरीला होता हैभारत देश में आस्तीन  के  सांप सनातन काल से पाये जाते हैं | धर्म शास्त्रों में इनका उल्लेख मिलता है | त्रेता युग में विभीषण जैसे आस्तीन के सांप की वजह से लंकापति रावण को हार का मुह देखना पड़ा  | द्वापर युग में शकुनि जैसे आस्तीन के सांप की वजह से कौरव वंश का नाश हुआ | आस्तीन के सांप जयचंद की वजह से पृथ्वीराज चौहान को पराजय का मूँह देखना पड़ा |      

हमारे काले नैत्र चरों और घूमा कर देखे तो आज भी आस्तीन के सांप बहुतायत में नज़र जाते हैं | सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए आस्तीन के सांप सर दर्द बने हुए हैं | वैसे सर्वाधिक आस्तीन के सांप भारतीय जनता पार्टी में  ज्यादा  देखने को मिलते हैं | राजस्थान में किरोड़ी लाल मीणा , मध्य प्रदेश में उमा भारती , कर्नाटक में यदुरप्पा , गुजरात में केशु भाई पटेल , उत्तर  प्रदेश में कल्याण सिंह अपनी पार्टी के लिए आस्तीन के सांप साबित हुए और अपने निजी स्वार्थों के लिए नयी पार्टी का गठन किया | शिव सेना के लिए राज ठाकरे आस्तीन का  सांप साबित हुए | समाजवादी पार्टी के लिए अमर सिंह तो पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह कोंग्रेस के लिए आस्तीन के सांप साबित हुए |

आस्तीन के साँपों की वजह से क्षेत्रीय  पार्टियों की संख्या कीड़े मकोड़ो की तरह बढ़ गई है | जो हमारे लोकतान्त्रिक ढाँचे के लिए शुभ संकेत नहीं है | आस्तीन के सांप लालची है , भ्रष्टाचारी है , व्यभिचारी है | आस्तीन का सांप जिसे ढसता है वो ना तो जी पाता है और ना ही मर पाता है |   
सांप को तो संपेरा पूंगी बजाकर वश में कर लेता है लेकिन आस्तीन के सांप को वश में करना टेढ़ी खीर है |मगर आस्तीन के साँपों को वश में करने के मामले में  राजनाथ सिंह सबसे आगे  हैं | सुना है यदुरप्पा फिर भाजपा में शामिल हो गए हैं , जो कभी खुद आस्तीन का सांप हुआ करते थे |

फन फैलाये आस्तीन के साँपों के दंश से बेखबर कलम लिखना ज़ारी रखेगी .......... 

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