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"आस्तीन का
सांप" एक ऐसी
भयंकर विषैली प्रजाति
है , जो सांपो
से भी ज्यादा
ज़हरीली है | पर
ये प्रजाति सांपो
कि नहीं बल्कि
इंसानो की है
| वैसे आस्तीन का
सांप ,कोबरा या
अनाकोंडा से भी
ज्यादा ज़हरीला होता है
| भारत
देश में आस्तीन के सांप
सनातन काल से
पाये जाते हैं
| धर्म शास्त्रों में इनका
उल्लेख मिलता है | त्रेता
युग में विभीषण
जैसे आस्तीन के
सांप की वजह
से लंकापति रावण
को हार का
मुह देखना पड़ा | द्वापर
युग में शकुनि
जैसे आस्तीन के
सांप की वजह
से कौरव वंश
का नाश हुआ
| आस्तीन के सांप
जयचंद की वजह
से पृथ्वीराज चौहान
को पराजय का
मूँह देखना पड़ा
|
हमारे काले नैत्र
चरों और घूमा
कर देखे तो
आज भी आस्तीन
के सांप बहुतायत
में नज़र आ
जाते हैं | सभी
राजनीतिक पार्टियों के लिए
आस्तीन के सांप
सर दर्द बने
हुए हैं | वैसे
सर्वाधिक आस्तीन के सांप
भारतीय जनता पार्टी
में ज्यादा
देखने
को मिलते हैं
| राजस्थान में किरोड़ी
लाल मीणा , मध्य
प्रदेश में उमा
भारती , कर्नाटक में यदुरप्पा
, गुजरात में केशु
भाई पटेल , उत्तर प्रदेश
में कल्याण सिंह
अपनी पार्टी के
लिए आस्तीन के
सांप साबित हुए
और अपने निजी
स्वार्थों के लिए
नयी पार्टी का
गठन किया | शिव
सेना के लिए
राज ठाकरे आस्तीन
का सांप
साबित हुए | समाजवादी
पार्टी के लिए
अमर सिंह तो
पूर्व विदेश मंत्री
नटवर सिंह कोंग्रेस
के लिए आस्तीन
के सांप साबित
हुए |
आस्तीन के साँपों
की वजह से क्षेत्रीय
पार्टियों
की संख्या कीड़े
मकोड़ो की तरह
बढ़ गई है
| जो हमारे लोकतान्त्रिक
ढाँचे के लिए
शुभ संकेत नहीं
है | आस्तीन के
सांप लालची है
, भ्रष्टाचारी है , व्यभिचारी
है | आस्तीन का
सांप जिसे ढसता
है वो ना
तो जी पाता
है और ना
ही मर पाता
है |
सांप को तो
संपेरा पूंगी बजाकर वश
में कर लेता
है लेकिन आस्तीन
के सांप को
वश में करना
टेढ़ी खीर है
|मगर आस्तीन के
साँपों को वश
में करने के
मामले में राजनाथ सिंह सबसे
आगे हैं
| सुना है यदुरप्पा
फिर भाजपा में
शामिल हो गए
हैं , जो कभी
खुद आस्तीन का
सांप हुआ करते
थे |
फन फैलाये आस्तीन के साँपों के दंश से बेखबर कलम लिखना ज़ारी रखेगी ..........

Dam hai Boss
ReplyDeleteShukriya dost
DeleteWaah majaa aa gaya
ReplyDeleteShukriya rahul singh
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