12 April 2015जयपुर। साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों की अब खैर नहीं है। राज्य में गठित साइबर क्राइम सेल अब ऐसे बदमाशों को सख्त से सख्त सजा दिलवाकर अपराधियों को सचेत करना चाहती है।
ऐसे ही एक मामले में दोषी हैकर को साइबर एक्ट के तहत जिला अदालत ने 3 साल की कैद की सजा सुनाई है।
साइबर क्राइम थाने के प्रभारी उप अधीक्षक राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि आरोपी अभियुक्त को 27 फरवरी 2014 को गिरफ्तार किया था। पड़ताल के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 27 मई 2014 को कोर्ट में चालान पेश किया गया था मामले की सुनवाई महानगर मजिस्ट्रेट में शुरू हुई सुनवाई के दौरान अनुसंधान अधिकारी सुरेश स्वामी को मामले का केस ऑफिसर नियुक्त किया गया, अभियोजन पक्ष ने करीब डेढ़ दर्जन गवाह पेश किए ज्यादातर गवाह पश्चिम बंगाल से थे। पुलिस ने सभी से संपर्क कर तत्काल गवाही करवाई, जिससे सुनवाई दस माह में पूरी हो सकी। अदालत ने सुनवाई कर अभियुक्त को तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई।
यह था मामला
2013 में राजेश बरडिय़ा ने मामला दर्ज कराया कि अमेरिका में रहने वाले उसके भाई विरेंद्र खेमसरा के खाते में से अभियुक्त और उसके साथियों ने विरेंद्र की मेल आईडी हैक करते हुए एक फर्जी मेल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को भेजकर उसके खाते से 11 लाख 20 हजार रुपए कोलकाता की एक फर्म में स्थानांतरित करवा दिए थे।
सतर्कता ही है बचाव
कंप्यूटर, बैंक अकाउंट, सोशल नेटवर्किंग साइट्स आदि ऑनलाइन यूजर एकाउंट्स किसी अंजान व्यक्ति द्वारा विभिन्न सॉफ्टवेयर के माध्यम से हैक कर ली जाती हैं। अगर आप अपने अकाउंट को हैक होने से बचाना चाहते हैं तो उच्च क्वालिटी के सॉफ्टवेयर का उपयोग करें, इसके साथ ही किसी अंजान साइट्स पर अपनी पर्सनल जानकारी अपलोड नहीं करें।
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