Friday, 24 April 2015

खाकी की गुण्डागर्दी

जयपुर। आम आदमी में विश्वास और अपराधियों में डर के नारे को जयपुर शहर की पुलिस अब इसके उलट काम करने लगी है। शहर में भांकरोटा थाना इलाक े में आम आदमी को अपराधियों को निजाज दिलाने वाली पुलिस अब खुद ही अपराधियों की तरह बर्ताव करने मं लगी हुई है। खाकी की आड़ में छिपे आपराधिक चेहरे को उजागर करने वाला यह वाकिया बेहद ही शर्मनाक है।

निर्माण नगर निवासी अमित अग्रवाल ने बताया कि बगरु इंडस्ट्रियल एरिया के फज 2 मेंं उनकी एक फैक्ट्री है। वहां से कार में सवार होकर अमित अपने साथी कार्तिक जैन, धोलाराम यादव और ड्राइवर रघुवीर के साथ घर लौट रहे थे। ड्राइवर ने सीट बैल्ट लगा रखी थी लेकिन धोलराम ने सीट बैल्ट नहीं लगा रखी थी। तभी भांकरोटा चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी सुल्तान और देवीसहाय ने गाड़ी को रोक लिया और सीट बैल्ट नहीं बांधने पर चालान के 800 रुपए मांगे। चालान के 800 रुपए देने क बावजूद दोनों पुलिसकर्मियों ने चालान की रसीद देने से इनकार कर दिया।

रसीद मांगी तो दी गालियां
जब अमित अग्रवाल ने चालान की रसीद मांगी तो पुलिसकर्मी सुल्तान और देवीसहाय  ने चारों के साथ गालीगलौच की। जब अमित ने दोनों पुलिसकर्मियों के बर्ताव का विरोध किया तो पास ही मौजूद पुलिस की चेतक में मौजूद चार अन्य पुलिसकर्मियों ने अमित और उसके साथियों के साथ जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं पुलिस से अपराधी बने सभी पुलिसकर्मियों ने सभी को गाड़ी में पटककर भांकरोटा थाने ले आए। पुलिस की बर्बरता यहीं नहीं थमी। थाने में पहुंचने पर वहां मौजूद अन्य स्टाफ शंकरलाल, नंदलाल, राजेन्द्र सिंह, महेन्द्र, चन्द्रपाल, छीतर, लालचंद, राजेन्द्र,नरेन्द्र, शंकर, मुकेश ने इन सभी के साथ लातों-घूसों और डंडों के साथ मारपीट की और मोबाइल छीन लिए। घटना का पता चलने पर कंपनी के मैनेजर अमित चौधरी जब थाने पहुंचे तो हैवान बने पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीअ कर डाली।

कमीश्नर से लगाई गुहार
मारपीट की घटना के शिकार अमित के भाई लोकेश अग्रवाल ने जयपुर कमीश्नर से मामले में दखल देने देने की मंाग की है। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।


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