एपेक्स अस्पताल प्रशासन पर लगा था लापरवाही का आरोप
जयपुर। मालवीयनगर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में दुर्घटना के बाद भर्ती हुए युवक की मंगलवार सुबह मौत के बाद से 24 घंटों से अस्पताल के बाहर बैठी मृतक की पत्नी-बच्चे और स्थानीय लोग बुधवार करीब 2 बजे शव के अंतम संस्कार के लिए राजी हुए।
बुध्वार को सैंकड़ों लोगों ने मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग को धरने पर बैठे थे। काफ ी समझाइश के बाद दोपहर करीब 2 बजे शव को उठाकर पुलिस की निगरानी में दाह संस्कार के लिए ले गए। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि इलाज में अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही बरती गई है। इस संबंध में मालवीय नगर थाने में मामला दर्ज कराया गया है। मामले में अस्पताल प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन शव को लेने के लिए राजी हुए।
खूनी अस्पताल में नहीं करना काम
बुधवार को अपने 6 वर्षीय बेटे यशवीर के साथ मृत पति कर्णसिंह की अर्थी के पास बैठी श्वेता अस्पताल के सामने लगी भीड़ से कह रही थीं कि आप लोग देख क्या रहे हो इन दरिंदे डॉक्टरों को सबक सीखा दो। इन्होंने भरी जवानी में मुझसे मेरा पति छीन लिया। मेरे पति की लाश अस्पताल के बाहर सड़ रही है। इन डॉक्टरों को जरा भी रहम नहीं आ रहा है। ये मामले को खत्म करने के बदले अस्पताल में नौकरी का ऑफ र दे रहे हैं। भला ऐसे खूनी हॉस्पिटल में कैसे काम कर सकती हूं।
अस्पताल में घुसने की कोशिश
मामले में लगातार अस्पताल प्रशासन की ओर से अडियल रूख देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में घुसने का प्रयास किया लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। पुलिस तीन जनों को हिरासत में लेकर थाने ले आई जहां से कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया।
जयपुर। मालवीयनगर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में दुर्घटना के बाद भर्ती हुए युवक की मंगलवार सुबह मौत के बाद से 24 घंटों से अस्पताल के बाहर बैठी मृतक की पत्नी-बच्चे और स्थानीय लोग बुधवार करीब 2 बजे शव के अंतम संस्कार के लिए राजी हुए।
बुध्वार को सैंकड़ों लोगों ने मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग को धरने पर बैठे थे। काफ ी समझाइश के बाद दोपहर करीब 2 बजे शव को उठाकर पुलिस की निगरानी में दाह संस्कार के लिए ले गए। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि इलाज में अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही बरती गई है। इस संबंध में मालवीय नगर थाने में मामला दर्ज कराया गया है। मामले में अस्पताल प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन शव को लेने के लिए राजी हुए।
खूनी अस्पताल में नहीं करना काम
बुधवार को अपने 6 वर्षीय बेटे यशवीर के साथ मृत पति कर्णसिंह की अर्थी के पास बैठी श्वेता अस्पताल के सामने लगी भीड़ से कह रही थीं कि आप लोग देख क्या रहे हो इन दरिंदे डॉक्टरों को सबक सीखा दो। इन्होंने भरी जवानी में मुझसे मेरा पति छीन लिया। मेरे पति की लाश अस्पताल के बाहर सड़ रही है। इन डॉक्टरों को जरा भी रहम नहीं आ रहा है। ये मामले को खत्म करने के बदले अस्पताल में नौकरी का ऑफ र दे रहे हैं। भला ऐसे खूनी हॉस्पिटल में कैसे काम कर सकती हूं।
अस्पताल में घुसने की कोशिश
मामले में लगातार अस्पताल प्रशासन की ओर से अडियल रूख देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में घुसने का प्रयास किया लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। पुलिस तीन जनों को हिरासत में लेकर थाने ले आई जहां से कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया।
0 comments:
Post a Comment