15 March 2015
जयपुर। प्रदेश में चल रहा कांग्रेस का सदस्यता अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। सदस्यता अभियान में कांग्रेस जमीनी धरातल नापने की कोशिश कर रही है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस का सदस्यता अभियान अब अपने अंतिम चरण की ओर पहुंच रहा है, पहले सदस्यता अभियान के लिए 28 फरवरी अंतिम तारीख घोषित की गई थी, उसके बाद सदस्यता अभियान की तिथि 15 मार्च तक कर दी गई थी। इस दौरान कांग्रेस का फोकस सदस्यता अभियान पर बना रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर की जा रही है कवायद -
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधाी ने पंचायत चुनावों के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को पार्टी के कार्यकर्ताओं से बेहतर तालमेल स्थापित हुए, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत जिला कार्यकारिणी की बैठकों से आपसी संवाद स्थापित करने और मतदाताओं के मन टटोलने की कवायद के लिए कहा गया था। जिसके तहत पहले जिलों में आपसी संवाद और फिर संभागों में संभागवार संवाद की व्यवस्था की गई । दरअसल पंचायत चुनावों में कांग्रेस को गांवों की सरकार बनाने में वह संतोषजनक सफलता नहीं मिल पाई जिसके लिए उसने कोशिश की। इन परिणामों से यह पता चला कि कुछ जगहों पर कार्यकर्ताओं का प्रदेश नेतृत्व के साथ आपसी संवाद नहीं होने की वजह से नुकसान उठाना पड़ा,, जिसकी वजह से पार्टी को जमीनी धरातल नापने की जरूररत महसूस हुई।
सदस्यता अभियान में पूरी तरह नहीं जुट रहे कार्यकर्ता - राज्य में पंचायत चुनाव के बाद कांग्रेस की प्राथमिकता सदस्यता अभियान ही है,
हालांकि कुछ जगह यह भी देखने में आया है कि सदस्यता अभियान के लिए पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सदस्यता अभियान में जिम्मेदारी नहीं निभाई। पार्टी की प्राथमिकता अब सदस्यता अभियान को आगे बढ़ाने पर है। प्रदेश के आला नेताओं का मानना है कि पार्टी पहले धरातल पर सदस्यता अभियान चलाने पर जोर दे, साथ ही सार्थक विपक्ष की भूमिका निभाए। हालांकि यह भी सच है कि पार्टी सदस्यता अभियान तो चला रही है, पर पार्टी के वरिष्ठ नेता ही पूरी तरह सदस्यता अभियान से नहीं जुड़े हैं वरिष्ठ नेताओं को देखकर कार्यकर्ता भी पूरी ताकत से सदस्यता अभियान में नहीं जुट रहे हैं। सदस्यता अभियान के लिए संभागों में भी पार्टी को कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। प्रदेश में सदस्यता अभियान का संयोजक पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को बनाया गया है । भाया समय - समय पर सदस्यता अभियान की समीक्षा भी कर रहे हैं। लेकिन सदस्यता अभियान का कोई टारगेट पार्टी ने नहीं रखा है।
विचारधारा में विश्वास रखने वाले ही जुडेंग़े - स्वयं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पाायलट ने पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखने वाले कार्यकर्ताओं और आम जन को सदस्यता अभियान में जोडऩे की जरूरत बताई है। इसके लिए फरवरी में संभागों में कार्यशालाएं आयोजित की गई थी, संभागों में हुई कार्यशालाओं में एक असर जरूर हुआ कि जिलों में सदस्यता अभियान चलाने के साथ ही पार्टी जिलों में विभिन्न मुददों को लेकर सक्रिय भी हुई।
जगह- जगह प्रदर्शनों का माहौल हुआ तैयार - उधर सदस्यता अभियान का यह खास असर रहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व सांसद महेश जोशी, कांग्रेस प्रवक्ता प्रतापसिंह खाचरियावास, प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा और विद्याधरनगर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी रहे विक्रम सिंह शेखावत और युवक कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चांदना लगातार प्रदर्शनों में व्यस्त रहे और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रखा। युवक कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक चंादना तो बड़ा विरोध प्रदर्शन कराने मेें सफल रहे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रताप सिंह खाचरियावास कहते हैं - कांग्रेस ने सक्रिय होकर पिछले दिनों में सड़क से सदन तक सरकार को घेरा है, इसकाश्रेय प्रदेश कांग्रेस के सदस्यता अभियान को दिया जाना चाहिए जिसकी वजह से नेताओं में दुबारा सक्रियता आ गई । वे कहते हैं - सदस्यता अभियान का समय फरवरी में 15 मार्च तक बढ़ाया गया था, अब बढ़ाया जाएगा या नहीं इसकी अभी कोई सूचना हमें नहीं मिली है, अगर बढ़ाई गई तो आपको बता देंगे। वे कहते हैं सदस्यता अभियान का असर यह हुआ है कि नेताओं से लेकर आम कार्यकर्ता तक सक्रिय हुआ है, और सरकार को घेरने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। हमारे प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में विधानसभा पर विरोध प्रदर्शन किया गया, इससे पूरे राज्य में असर हुआ है, प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में वातावरण बन रहा है, कांग्रेस एक बार फिर सार्थक विपक्ष की भूमिका में नजर आ रही है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस का सदस्यता अभियान अब अपने अंतिम चरण की ओर पहुंच रहा है, पहले सदस्यता अभियान के लिए 28 फरवरी अंतिम तारीख घोषित की गई थी, उसके बाद सदस्यता अभियान की तिथि 15 मार्च तक कर दी गई थी। इस दौरान कांग्रेस का फोकस सदस्यता अभियान पर बना रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर की जा रही है कवायद -
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधाी ने पंचायत चुनावों के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को पार्टी के कार्यकर्ताओं से बेहतर तालमेल स्थापित हुए, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत जिला कार्यकारिणी की बैठकों से आपसी संवाद स्थापित करने और मतदाताओं के मन टटोलने की कवायद के लिए कहा गया था। जिसके तहत पहले जिलों में आपसी संवाद और फिर संभागों में संभागवार संवाद की व्यवस्था की गई । दरअसल पंचायत चुनावों में कांग्रेस को गांवों की सरकार बनाने में वह संतोषजनक सफलता नहीं मिल पाई जिसके लिए उसने कोशिश की। इन परिणामों से यह पता चला कि कुछ जगहों पर कार्यकर्ताओं का प्रदेश नेतृत्व के साथ आपसी संवाद नहीं होने की वजह से नुकसान उठाना पड़ा,, जिसकी वजह से पार्टी को जमीनी धरातल नापने की जरूररत महसूस हुई।
सदस्यता अभियान में पूरी तरह नहीं जुट रहे कार्यकर्ता - राज्य में पंचायत चुनाव के बाद कांग्रेस की प्राथमिकता सदस्यता अभियान ही है,
हालांकि कुछ जगह यह भी देखने में आया है कि सदस्यता अभियान के लिए पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सदस्यता अभियान में जिम्मेदारी नहीं निभाई। पार्टी की प्राथमिकता अब सदस्यता अभियान को आगे बढ़ाने पर है। प्रदेश के आला नेताओं का मानना है कि पार्टी पहले धरातल पर सदस्यता अभियान चलाने पर जोर दे, साथ ही सार्थक विपक्ष की भूमिका निभाए। हालांकि यह भी सच है कि पार्टी सदस्यता अभियान तो चला रही है, पर पार्टी के वरिष्ठ नेता ही पूरी तरह सदस्यता अभियान से नहीं जुड़े हैं वरिष्ठ नेताओं को देखकर कार्यकर्ता भी पूरी ताकत से सदस्यता अभियान में नहीं जुट रहे हैं। सदस्यता अभियान के लिए संभागों में भी पार्टी को कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। प्रदेश में सदस्यता अभियान का संयोजक पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को बनाया गया है । भाया समय - समय पर सदस्यता अभियान की समीक्षा भी कर रहे हैं। लेकिन सदस्यता अभियान का कोई टारगेट पार्टी ने नहीं रखा है।
विचारधारा में विश्वास रखने वाले ही जुडेंग़े - स्वयं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पाायलट ने पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखने वाले कार्यकर्ताओं और आम जन को सदस्यता अभियान में जोडऩे की जरूरत बताई है। इसके लिए फरवरी में संभागों में कार्यशालाएं आयोजित की गई थी, संभागों में हुई कार्यशालाओं में एक असर जरूर हुआ कि जिलों में सदस्यता अभियान चलाने के साथ ही पार्टी जिलों में विभिन्न मुददों को लेकर सक्रिय भी हुई।
जगह- जगह प्रदर्शनों का माहौल हुआ तैयार - उधर सदस्यता अभियान का यह खास असर रहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व सांसद महेश जोशी, कांग्रेस प्रवक्ता प्रतापसिंह खाचरियावास, प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा और विद्याधरनगर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी रहे विक्रम सिंह शेखावत और युवक कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चांदना लगातार प्रदर्शनों में व्यस्त रहे और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रखा। युवक कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक चंादना तो बड़ा विरोध प्रदर्शन कराने मेें सफल रहे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रताप सिंह खाचरियावास कहते हैं - कांग्रेस ने सक्रिय होकर पिछले दिनों में सड़क से सदन तक सरकार को घेरा है, इसकाश्रेय प्रदेश कांग्रेस के सदस्यता अभियान को दिया जाना चाहिए जिसकी वजह से नेताओं में दुबारा सक्रियता आ गई । वे कहते हैं - सदस्यता अभियान का समय फरवरी में 15 मार्च तक बढ़ाया गया था, अब बढ़ाया जाएगा या नहीं इसकी अभी कोई सूचना हमें नहीं मिली है, अगर बढ़ाई गई तो आपको बता देंगे। वे कहते हैं सदस्यता अभियान का असर यह हुआ है कि नेताओं से लेकर आम कार्यकर्ता तक सक्रिय हुआ है, और सरकार को घेरने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। हमारे प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में विधानसभा पर विरोध प्रदर्शन किया गया, इससे पूरे राज्य में असर हुआ है, प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में वातावरण बन रहा है, कांग्रेस एक बार फिर सार्थक विपक्ष की भूमिका में नजर आ रही है।
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