फिर एसएमएसम में हड़ताल पर उतरे संविदाकर्मी
-आउटडोर से वार्डों तक नजर आया असर
-मात्र दो घंटे के कामकाज बहिष्कार से बिगड़ी अस्पताल की व्यवस्थाएं
10 March 2015
जयपुर। फरवरी माह के भुगतान की मांग को लेकर एक बार फिर एसएमएस अस्पताल में संविदा पर लगे ट्रॉली संचालक, वार्ड ब्वॉय और हेल्पर सोमवार सुबह हड़ताल पर उतर आए। इससे मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह दो घंटे तक ट्रॉली संचालकों के कामकाज का बहिष्कार कर देने से एसएमएस में गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों को मजबूरन परिजनों को गोद में उठाकर और काफी मशक्कत करते हुए जांच एवं उपचार के लिए ले जाने को मजबूर होना पड़ा। बाद में हड़ताली कर्मचारी दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए इस अवधि में भुगतान नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी देकर कामकाज पर लौट आए।
एसएमएस में रेजिडेंट्स की हड़ताल के अगले ही दिन मासिक भुगतान अटकने से नाराज होकर संविदाकर्मियों के हड़ताल पर उतर आने से अस्पताल की व्यवस्थाएं बुरी तरह गड़बड़ा गईं। मात्र दो घंटे के लिए ही किए गए कामकाज के बहिष्कार से मरीजों के साथ ही उनके परिजनों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान कई परिजन ट्रॉली खींचकर वार्ड एवं चिकित्सकों के कक्ष तक मरीजों को ले जाते हुए नजर आए। उधर वार्डों में भी संविदा पर लगे वार्ड ब्वॉय एवं लेबर के कामकाज पर नहीं आने से जांच, उपचार और ऑपरेशन का कार्य आंशिक प्रभावित हुआ। एसएमएस में पिछले दिनों त्योहारी अवकाश के बाद सोमवार को आउटडोर खुलने के साथ ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी और ऐसे में संविदाकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल में चिकित्सकीय इंतजाम एकाएक लड़खड़ा गए।
पिछले एक माह में चौथी बार हड़ताल
एसएमएस में बीते करीब एक महिने की अवधि में करीब चार बार हड़ताल हो चुकी है। पिछले माह भी संविदा कार्मिक भुगतान को लेकर हड़ताल पर उतर आए थे। इसके बाद मेडिकल स्टूडेंट्स और कम्प्यूटर ऑपरेटरों के बीच हुए विवाद के बाद ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए थे। रविवार को मरीज के परिजनों की ओर से की गई कथित मारपीट के मामले को लेकर रेजिडेंट्स हड़ताल पर चले गए थे और अब सोमवार को एक बार फिर संविदाकर्मी अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए।
-मात्र दो घंटे के कामकाज बहिष्कार से बिगड़ी अस्पताल की व्यवस्थाएं
10 March 2015
जयपुर। फरवरी माह के भुगतान की मांग को लेकर एक बार फिर एसएमएस अस्पताल में संविदा पर लगे ट्रॉली संचालक, वार्ड ब्वॉय और हेल्पर सोमवार सुबह हड़ताल पर उतर आए। इससे मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह दो घंटे तक ट्रॉली संचालकों के कामकाज का बहिष्कार कर देने से एसएमएस में गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों को मजबूरन परिजनों को गोद में उठाकर और काफी मशक्कत करते हुए जांच एवं उपचार के लिए ले जाने को मजबूर होना पड़ा। बाद में हड़ताली कर्मचारी दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए इस अवधि में भुगतान नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी देकर कामकाज पर लौट आए।
एसएमएस में रेजिडेंट्स की हड़ताल के अगले ही दिन मासिक भुगतान अटकने से नाराज होकर संविदाकर्मियों के हड़ताल पर उतर आने से अस्पताल की व्यवस्थाएं बुरी तरह गड़बड़ा गईं। मात्र दो घंटे के लिए ही किए गए कामकाज के बहिष्कार से मरीजों के साथ ही उनके परिजनों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान कई परिजन ट्रॉली खींचकर वार्ड एवं चिकित्सकों के कक्ष तक मरीजों को ले जाते हुए नजर आए। उधर वार्डों में भी संविदा पर लगे वार्ड ब्वॉय एवं लेबर के कामकाज पर नहीं आने से जांच, उपचार और ऑपरेशन का कार्य आंशिक प्रभावित हुआ। एसएमएस में पिछले दिनों त्योहारी अवकाश के बाद सोमवार को आउटडोर खुलने के साथ ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी और ऐसे में संविदाकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल में चिकित्सकीय इंतजाम एकाएक लड़खड़ा गए।
पिछले एक माह में चौथी बार हड़ताल
एसएमएस में बीते करीब एक महिने की अवधि में करीब चार बार हड़ताल हो चुकी है। पिछले माह भी संविदा कार्मिक भुगतान को लेकर हड़ताल पर उतर आए थे। इसके बाद मेडिकल स्टूडेंट्स और कम्प्यूटर ऑपरेटरों के बीच हुए विवाद के बाद ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए थे। रविवार को मरीज के परिजनों की ओर से की गई कथित मारपीट के मामले को लेकर रेजिडेंट्स हड़ताल पर चले गए थे और अब सोमवार को एक बार फिर संविदाकर्मी अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए।
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