-जीरा, सरसों, चना और तारामीरा बर्बाद
16 March 2015
जयपुर। प्रदेश के दर्जनों जिलों में ओलावृष्टि और बारिश के कहर से धरतीपुत्रों की मेहनत पर पानी फिर गया है। बुवाई के दौर में खाद की कमी से हलकान हुए किसान अब रबी फसल की कटाई के दौर में बिन मौसम बरसात से तबाह हुई फसलों के कारण सदमें में आ गए हैं।
कर्ज लेकर फसल बुवाई कर अच्छी उपज की आस लगाए हुए किसान सर्वाधिक परेशानी में पड़ गए हैं। जयपुर के अलावा अजमेर, कोटा, पाली, भरतपुर, टोंक, दौसा, सवाईमाधोपुर और बहुत से जिलों में शनिवार और रविवार सुबह हुई ओलावृष्टि ने फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। फसल खराबे का आकलन फिलहाल रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने से शुरू नहीं हो पाया है, लेकिन संभावित नुकसान की जानकारी विभिन्न जिलों के कलेक्टरों ने राज्य सरकार को दे दी है।
अजमेर: अजमेर जिले में ब्यावर और पाली की सीमा से लगते ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि से हजारों हेक्टेयर इलाके में फसलें खराब हो गई हैं। यहां सर्वाधिक खराबा गेहूं, चना और सरसों की फसल को बताया जा रहा है। जिले के विजयनगर में मूसलाधार बारिश से खेतों में पकने के कगार पर खड़ी फसल तबाह हो गई।
कोटा: कोटा और समूचे हाड़ौती इलाके में ओलावृष्टि से धनिए की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कोटा संभाग पूरे देश में धनिया उत्पादक क्षेत्र के रूप में अपनी खास पहचान रखता है। इस संभाग में एक पखवाड़े पूर्व भी बारिश से धनिया बारिश से खराब हो गया था और अब एक बार फिर बारिश और ओलावृष्टि से फसलें खराब हो गई हैं। संभाग के बूंदी जिले के नैनवां उपखण्ड में फसलों के साथ ही जनहानि के भी समाचार मिले हैं।
पाली: पाली जिले के जैतारण और मारवाड़ जंक्शन के ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जिले में तारामीरा, गेहूं और जीरे की फसल को ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश से नुकसान हुआ है। आमतौर पर मार्च के अंत और अप्रेल माह में पककर तैयार हो जाने वाली रबी की कई फसलों पर अचानक बारिश का कहर होने से अब किसानों के लिए संकट खड़ा हो गया है।
भीलवाड़ा: मंगरोप, भोली और कुंभारिया सहित दर्जनों गांवों में चने के आकार के ओले गिरने से फसलों पर बर्फ की परत जम गई। इससे खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें तबाह हो गई। ओलावृष्टि से फसल खराबे का आकलन करने को लेकर अभी तक किसी प्रशासनिक अधिकारी के नहीं आने से किसानों में जबरदस्त रोष है। अधिकतर गांवों में कृषि व्यवसाय पर आधारित परिवारों के निवास करने से अब फसल तबाह होने से इनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति खड़ी होती नजर आ रही है।
टोंक: टोंक जिले के जयपुर और कोटा से लगते ग्रामीण इलाकों में ओला और मूसलाधार बारिश के समाचार मिले हैं। मालपुरा, निवाई और जयपुर रोड के गांवों में तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया। इससे लगभग 60 से 70 प्रतिशत तैयार हो चुकी फसलें गिर गई। बारिश के बाद तेज हवा के झौके चलने से भी फसलों को नुकसान हुआ है।
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