जयपुर। राज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष के विधायकों के निलंबन के बाद सोमवार को भी गतिरोध बना रहा्र, प्रतिपक्ष के विधायकोंं का निलंबन वापस नहीं हो सका, जिसके कारण प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के बजट भाषण से वॉकआउट किया और सदन के बाहर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
सदन में सोमवार को मुख्यमंत्री को बजट भाषण पेश करना था मगर सदन की कार्रवाई की शुरुआत होते ही विपक्ष के विधायकों का निलबन वापस करने और दोषी पुलिस अधिकािरयों के खिलाफ जांच के मामले की गूंज रही। राजपा विधायक किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि ऐसी कौनसी गलती हुई है जो निलंबन वापस नहीं किया जा रहा है। प्रतिपक्ष के वरिष्ठ सदस्य प्रघुम्न सिंह ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसजनों पर लाठीचार्ज गलत हुआ है और मुख्यमंत्री को भी इसमें हस्तक्षेप करके उच्चस्तरीय जांच की मांग पर सहमति देनी चाहिए। इस पर प्रतिपक्ष के नेता रामेश् वर डूडी ने कहा कि हमारे प्रदेशाध्यक्ष पर लाठीचार्ज हुआ है इस मामले की जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की जानी चाहिए। संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि गतिरोध दूर करने की कोशिश की जा रही है, इस पर सत्ता पक्ष की ओर से गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने मोर्चा संभाला , पर प्रतिपक्ष की ओर से शोर शराबा चलता रहा। करीब 20 मिनट के हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष को धैर्य रखना चाहिए और सदन में सत्ता पक्ष की नेता वसुंधरा राजे के बजट भाषण के बाद गतिरोध दूर कर लिया जाएगा। इस दौरान निलंबित किए गए कांग्रेस के आठ विधायक और निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल विधानसभा में प्रवेश नहीं कर सके और मुख्य द्वार के पास ही रहे। प्रतिपक्ष ने हंगामे के बीच मांग रखी कि पहले गतिरोध दूर किया जाए, उसके बाद बजट भाषण हो, पर आसन की ओर से इसकी अनुमति नहीं मिली। इसके बाद प्रतिपक्ष के नाराज विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और कांग्रेस के सभी सदस्य वॉकआउट कर सदन से बाहर चले गए। प्रतिपक्ष की सदन में अनुपस्थिति के बीच ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपना बजट भाषण सदन में प्रस्तुत किया। गतिरोध नहीं टूटने से नाराज विधायक विधानसभा के मुख्यद्वार के बाहर इक_े हो गए और उन्होंने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रकार सोमवार को सदन की कार्रवाई के दौरान गतिरोध दूर नहीं हो सका। माना जा रहा है कि मंगलवार को भी सदन में इस मामले की गंूज रहेगी।
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