15 March 2015
जयपुर। मार्च का महीना और मूसलाधार बारिश लगातार। चैत्र महीने की शुरुआत में ही मौसम की अठखेली ने सावन का अहसास करा दिया है। शुक्रवार को बदला मौसम का यह मिजाज शनिवार को अपने पूरे शबाब पर आ गया। शनिवार सुबह से ही काली घटाओं ने डेरा डाले रखा और हल्की फुहारों से शुरुआत ने शाम को मूसलाधार रूप ले लिया।
दिनभर बादलों की गर्जन ने आसमान गुंजाए रखा और रह रहकर बरसात का दौर चलता रहा। वीकेंड पर ऐसे मौसम ने लोगों को अपने-अपने घरों में घुसे रहने को मजबूर कर दिया और सडक़ों पर सन्नाटे के से हालात बने रहे। रुक-रुक कर हुई बारिश से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालक जहां थे वहां ही थम गए। बारिश होने से कारण अधिकतम तापमान में 10 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोम के कारण मौसम का यह हाल हुआ है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ईरान से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। बंगाल की खाड़ी में भी हवा नम है, इसका असर दिख रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि परिवर्तित मौसम के कारण अगले दो दिनों तक बारिश के साथ ही ओले गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रेल माह के पहले सप्ताह में भी विपरीत मौसम की मार लोगों को सहनी पड़ेगी। अगले दो दिन भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कुछ इलाकों में बारिश होगी। रात का तापमान 17 के आसपास बना रहेगा। वहींं दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
प्रदेश भर में हाल बेहाल
कहीं ओले, कहीं तूफान
बंूदी में दर्जनो पोल गिरे, पाली, अजमेर भरतपुर में ओलों की चादर
जयपुर। मौसम के पलटवार ने प्रदेशभर में अपना असर दिखाया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में जहां शनिवार दिनभर बारिश का दौर जारी रहा वहीं पाली, भरतपुर और अजमतेर जिलों में कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। साथ ही हाड़ौती में भीषण बारिश और तेज हवाओं के कारण बंूदी में दर्जनों बिजली के पोल गिरने के समाचार मिल रहे है। इसके साथ ही सवाईमाधोपुर में तूफान के चलते सैंकड़ों पेड़ गिरने की भी सूचना है।
जानकारी के अनुसार भरतपुर में कुम्हेर, नदबई, नगर, सीकरी सहित कई अन्य क्षेत्र में ओलावृष्टि होने की सूचना मिली है। साथ ही सोजत के आस-पास के गांवों में नीबू के आकार के ओले गिरे। साथ ही फालना, बाबरा, सेंदडा, मारवाड़ जंक्शन में भी ओलावृष्टि हुई। बारिश से जीरे, रायड़ा सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं सिरोही के पिंडवाड़ा में जबदस्त ओलावृष्टि होने की खबर है।
मौसम में बदलाव खतरनाक!
राजस्थान सहित समूचे उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मौसम के मिजाज में भारी बदलाव देखने को मिल रहा है। मार्च में पहाड़ ठिठुर रहा है तो मैदानी इलाकों में लोग गरम कपड़ों में लिपटे हैं। मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान सच हुआ तो महीने के तीसरे हफ्ते में ही गरमी दस्तक देगी। इस हफ्ते फिर तेज बारिश और भारी बर्फबारी के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक इसे हमारी धरती की आबोहवा में ग्लोबल वार्मिंग की वजह से आए बदलाव का नतीजा बता रहे हैं। मौसमी तेवर में इस स्तर का बदलाव समान्य बात नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मैदानी इलाकों में डेढ़ से दो दशकों में कभी-कभार ही ऐसी बारिश या मौसम के मिजाज में इस कदर उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, जबकि पहाड़ों में मार्च में भारी बर्फबारी की घटना तो सौ सालों में एकाध बार ही होती है। इन दिनों अधिकतम तामपान में चार से छह डिग्री सेंटीग्रेड की गिरावट देखने को मिल रही है। यह गिरावट राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश जैसे इलाकों में भी दर्ज की गई है।
एसएमएस-गणगौरी अस्पताल में घुसा पानी
लगातार बारिश के कारण एसएमएस अस्पताल सहित अन्य कई अस्पतालों की छतें टपकने लगी हैं। नतीजतन वार्डों में से मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करना पड़ा।
एसएमएस अस्पताल के सीटी सर्जरी वार्ड में पानी टपकने से मरीजों को हटाना पड़ा। जयपुरिया अस्पताल में भी ओपीडी के कई कमरों में पानी टपक रहा था। गणगौरी अस्पताल में दवा काउंटर के पास पानी भर गया और मरीजों को दवा लेने के लिए पानी में खड़ा होना पड़ा।
गौरतलब है कि बारिश के मौसम में भी अस्पताल में कई जगह पानी टपकने की समस्या सामने आई थी और चिकित्सा सचिव के दौरे के समय अस्पताल में 400 जगह पानी टपकना पाया गया था। इसके बाद ही पीडब्ल्यूडी को इन्हें सही करने के आदेश दिए गए थे।
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