जयपुर से गिर तार तीन आरोपियों को जेल एक को भेजा पुलिस रिमांड पर
राजस्थान में 15 फर्जी डिग्रियां देने की बात की कबूल
22 January 2015
जयपुर। फर्जी डिग्री के मामले में पिछले बारह दिनों से रिमाण्ड पर चल रहे जोधपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के च ैयरमेन कमल मेहता के को एसओजी ने कोर्ट में पेश किया जहां पर अदालत ने कमल मेहता को जेल भेज दिया। वहीं बीएड की फर्जी डिग्रियों बांटने के मामले में जालुपुरा थाने में पकड़ में आए चार युवकों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से तीन अभियुक्तों अब्दुर रहमान सरकार, तनुज खां दास, आईनल हक विश्वास को कोर्ट ने जेल भेज दिया। वहीं एक अन्य अ िायुक्त मोहित सोनी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
आरोपयिों ने देशभर के कई विश्वविद्यालयों से साठगांठ की बात क बूल की है। पुलिस की आरं िाक जांच में आरोपियों ने जोधपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से करीब 15 बीएड की फर्जी डिग्रियां बनाने की बात कही है। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उनका नेटवर्क राजस्थन और बंगाल में फैला हुआ है ओर इस धंधे में पिछले 6 महीने से लिप्त हैं। उक्त आरोपी एजेंटों के माध्यम से इस गारेखधंधे को संचालित कर रहे थे। पुलिस को नेटवर्क में काफी लोगों के जुड़े होने का पता चला है। इन राज्यों में इस यूनिवर्सिटी से बीएड करने वालों में घबराहट फैल गई है जिसके बाद से कथित छात्राध्यापक एजेन्टों से स पर्क कर रहे हैं। जालुपुरा पुलिस के हत्थे चढ़े गए चारों आरोपितों ने कमल मेहता और यूनिवर्सिटी के कॉर्डिनेटर मनोज पारीक के साथ संबंधों
की बात कबूल की है। गौरतलब है कि 18 जनवरी को सीआईडी(आईबी), जोन जोधपुर की सूचना पर पुलिस ने होटल सिद्धी विनायक में ठहरे अब्दुर रहमान सरकार, तनुज दास खां, आईनल हक विश्वास, निवासी पश्चिम बंगाल तथा मोहित सोनी निवासी कुरुक्षेत्र को गिर तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से बुदेंलखण्ड विश्वविद्यालय झांसी, ईलम विश्वविद्यालय सिक्किम, कर्नाटक स्टेट ओपन विश्वविद्यालय की खाली मार्कशीट तथा जोधपुर नेशनल युनिवर्सिटी की बीएड परीक्षा के प्रवेश पत्र व अन्य लोगों के शिक्षा स बन्धी असली व फ ोटोप्रति दस्तावेज बरामद किए थे।
फर्जी डिग्रियों से नौकरी
आरोपियों के अनुसार फर्जी डिग्री का यह खेल करीब एक दर्जन राज्यों में कई वर्षों से संचालित है जिसमें दर्जनों लोग जुड़े हुए हैं। कमल मेहता की फर्जी डिग्री के मामले में नाम सामने आने के बाद एसओजी पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। बुन्देलखंड उत्तरप्रदेश, ईलम विश्वविद्यालय सिक्किम, कर्नाटक ऑपन
युनिवर्सिटी जेएनयू के मारवाड़ बीएड कॉलेज की बनी हुई सैंकड़ों डिग्रियां छात्रों को नोट के बदले बांटी जा चुकी है। काफी वर्षों से नोट के बदले डिग्री के इस खेल से कई लोग मास्टर बन चुके होंगे। आरपीएससी में भी कुछ अ यर्थी इन फर्जी डिग्रियों के बूते नौकरी हासिल करने की संभवना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में फर्जी डिग्रियों के खरीददारों के विरुद्ध सरकार और आरपीएससी क्या कदम उठाएगी?
मारवाड़ बीएड़ कॉलेज की जांच
पुलिस के अनुसार मामले में जोधपुर स्थित मारवाड़ बीएड कॉलेज में स्वीकूत सीटों के मुकाबले कई गुना फर्जी अंकतालिकाएं जारी की गई है। इस बात की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने शिक्षा विभाग आलाधिकारियों को सूचित कर दिया है। पुलिस को जांच में काफी अनियमितताएं मिलीं है जिसके बारे में रिपोर्ट तैयार कर पुलिस ने
साक्ष्य के तौर पर रख ली है।
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