शीर्षक - "फटीचर"
व्यंग्यकार- चन्द्रशेखर साहू
फटीचर शब्द अपने आप में अनोखा है | यूँ तो फटीचर शब्द गरीब के लिए इस्तेमाल होता है लेकिन आजकल यह शब्द कूल डूडों का सुप्रसिद्ध कीवर्ड हो गया है | किसी हज़ार पान सौ के क़र्ज़ तले डूबे कूल डूड से उसकी हालत के बारे में पूछो तो उसका जवाब होता है - भाई हालत बोले तो एकदम फटीचर | हर कोई शख्स अपनी हालत फटीचर की तरह बतलाता है | इसे देखकर लगता है की हिंदुस्तान एक फटीचर बहुल देश बन गया है |
वैसे इस देश में फटीचरी का प्रदर्शन एक चलन सा हो गया है| सरकारें विकास के लिए पैसा नहीं होने का रोना रोती है तो विपक्ष अपने फटीचर हालात छिपाए हुए डींगे हांकता है | कंपनी में सूट बूट धारी इंजीनियर हो या निजी अस्पताल में मरीज़ के सूई घुसेड़ता हुआ डॉक्टर सबके हालात फटीचर की तरह है | लगता है अब उच्च डिग्रियों के साथ साथ फटीचर की कंपल्सरी डिग्री भी बांटी जा रही है | तभी तो ज्यादातर ग्रेजुएट्स के हालात फटीचर जैसे है |
फटीचर ग्रेजुएट्स आज भी कुछ इस तरह के जुमले बयां करते हुए दिख जाते हैं -
हालात है फटीचर के माफिक, नहीं कोई बात है |
अभी भी कमाकर हमको देता, पास हमारे बाप है ||
खैर हालात तो हमारे भी सही नहीं है फिर बेहतर कल के लिए आज को बेहतर करती कलम लिखती रहेगी
व्यंग्यकार- चन्द्रशेखर साहू
फटीचर शब्द अपने आप में अनोखा है | यूँ तो फटीचर शब्द गरीब के लिए इस्तेमाल होता है लेकिन आजकल यह शब्द कूल डूडों का सुप्रसिद्ध कीवर्ड हो गया है | किसी हज़ार पान सौ के क़र्ज़ तले डूबे कूल डूड से उसकी हालत के बारे में पूछो तो उसका जवाब होता है - भाई हालत बोले तो एकदम फटीचर | हर कोई शख्स अपनी हालत फटीचर की तरह बतलाता है | इसे देखकर लगता है की हिंदुस्तान एक फटीचर बहुल देश बन गया है |
वैसे इस देश में फटीचरी का प्रदर्शन एक चलन सा हो गया है| सरकारें विकास के लिए पैसा नहीं होने का रोना रोती है तो विपक्ष अपने फटीचर हालात छिपाए हुए डींगे हांकता है | कंपनी में सूट बूट धारी इंजीनियर हो या निजी अस्पताल में मरीज़ के सूई घुसेड़ता हुआ डॉक्टर सबके हालात फटीचर की तरह है | लगता है अब उच्च डिग्रियों के साथ साथ फटीचर की कंपल्सरी डिग्री भी बांटी जा रही है | तभी तो ज्यादातर ग्रेजुएट्स के हालात फटीचर जैसे है |
फटीचर ग्रेजुएट्स आज भी कुछ इस तरह के जुमले बयां करते हुए दिख जाते हैं -
हालात है फटीचर के माफिक, नहीं कोई बात है |
अभी भी कमाकर हमको देता, पास हमारे बाप है ||
खैर हालात तो हमारे भी सही नहीं है फिर बेहतर कल के लिए आज को बेहतर करती कलम लिखती रहेगी

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